Diwali 2026: घर के मुख्य द्वार पर क्यों बनाते हैं मां लक्ष्मी के चरण चिह्न, जानें वास्तु नियम और धार्मिक महत्व
Diwali 2026: दिवाली हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख और पवित्र त्योहारों में से एक है। इस वर्ष दीपावली का पर्व 8 नवंबर को मनाया जाएगा। त्योहार के नज़दीक आते ही लोगों ने घरों में साफ-सफाई और सजावट की तैयारियां तेजी से शुरू कर दी हैं। दिवाली के पावन अवसर पर अधिकतर श्रद्धालु अपने घर के मुख्य द्वार (मेन गेट) पर मां लक्ष्मी के चरण चिह्न (पदचिह्न) बनाते हैं या उनके स्टीकर लगाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ये पदचिह्न मां लक्ष्मी के घर में शुभ आगमन का संकेत देते हैं और धन, सौभाग्य तथा सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं।
वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार का महत्व
वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को केवल आने-जाने का मार्ग नहीं माना जाता, बल्कि इसे बाहरी ऊर्जा और आपके जीवन के बीच का मुख्य प्रवेश द्वार माना गया है। वास्तु एक्सपर्ट और एस्ट्रो इन्फ्लुएंसर राशि गौर के अनुसार, घर के मुख्य द्वार की साफ-सफाई और दरवाजे का सही ढंग से खुलना व बंद होना बेहद महत्वपूर्ण होता है।
दिशाओं और अन्य वास्तु नियमों पर ध्यान देने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपका मेन गेट कितना साफ, सुंदर और व्यवस्थित है। मान्यता है कि स्वच्छ और सुसज्जित मुख्य द्वार घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और शुभता को आमंत्रित करता है। इसी कारण दिवाली पर मुख्य द्वार की विशेष रूप से सजावट की जाती है।
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मां लक्ष्मी के पदचिह्न लगाने की सही विधि और महत्व
दिवाली के दिन घर के मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी के चरण चिह्न लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
दिशा का रखें ध्यान: इन पदचिह्नों को हमेशा इस प्रकार लगाया या बनाया जाना चाहिए कि वे बाहर से घर के अंदर की ओर आते हुए प्रतीत हों।
समृद्धि का प्रतीक: वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, अंदर की ओर जाते चरण चिह्न मां लक्ष्मी का घर में स्थाई वास, धन-धान्य और पारिवारिक खुशहाली का प्रतीक होते हैं। जब घर का प्रवेश द्वार पूरी तरह साफ और सजा हुआ होता है, तो वह देवी लक्ष्मी का स्वागत करने के लिए तैयार माना जाता है।
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मुख्य द्वार सजाते समय इन बातों का रखें ध्यान
सफाई सबसे पहले: दिवाली की पूजा और सजावट शुरू करने से पहले घर के मुख्य द्वार और उसके आसपास की जगह को अच्छी तरह से धोकर साफ करें।
कबाड़ और बेकार सामान हटाएं: दरवाजे के आसपास रखी पुरानी, टूटी-फूटी या बेकार वस्तुओं को तुरंत हटा दें, क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है।
चरण चिह्न और शुभ प्रतीक: मुख्य द्वार पूरी तरह स्वच्छ होने के बाद ही मां लक्ष्मी के चरण चिह्न बनाएं या लगाएं।
रंगोली और दीपक से सजावट: चरण चिह्नों के साथ-साथ मुख्य द्वार पर आकर्षक रंगोली बनाएं, ताजे फूलों का तोरण (वंदनवार) लगाएं और पारंपरिक मिट्टी के दीपक जलाएं।
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