नाजिया इलाही खान सनातन धर्म में करेंगी वापसी, विधायक नंदकिशोर गुर्जर का अपनाएंगी गोत्र

Nazia Elahi Khan

Ghaziabad News: सुप्रीम कोर्ट की वकील और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता नाजिया इलाही खान ने हिंदू धर्म में वापसी (घर वापसी) करने की आधिकारिक घोषणा की है। हाल ही में जारी एक वीडियो में उन्होंने गाजियाबाद के लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर को अपने पिता समान और बड़े भाई का दर्जा देते हुए उनका गोत्र अपनाने की इच्छा जताई है। नाजिया इलाही ने कहा कि उनके विधायक भैया उनके साथ मजबूती से खड़े हैं और वह जल्द ही सनातन धर्म में वापसी करेंगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अपने पूर्वजों की मूल सच्चाई और जड़ों को सहर्ष स्वीकार करने जा रही हैं।

नाजिया इलाही ने अपने फैसलों और विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा देश के संविधान के पक्ष में मजबूती से अपनी बात रखी है और यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का खुलकर समर्थन किया है। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष की नीतियों और इस्लाम में व्याप्त कुरीतियों व कट्टरपंथ के खिलाफ लगातार आवाज उठाई है। उन्होंने बताया कि हाल ही में मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित रामघाट पर जाकर उन्होंने अपने पूर्वजों का पिंडदान और श्राद्ध कर्म भी किया था।

उन्होंने कट्टरपंथियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके इन कदमों और बयानों की वजह से कट्टरपंथियों को लगता है कि उनकी हत्या कर देना ही उनके धर्म को बचाने का एकमात्र तरीका है।

कई परिवारों ने दी गोत्र देने की पेशकश

सनातन स्वीकार करने के अपने इस फैसले पर नाजिया इलाही ने बताया कि इसका औपचारिक संकेत उन्होंने मध्य प्रदेश के रामघाट से ही दे दिया था। उन्होंने कहा कि जो उनके पूर्वजों की असली पहचान है, वह उसी सनातन धर्म को अपनाने जा रही हैं। एक हालिया साक्षात्कार में उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल में अधिकारी परिवार और बनर्जी परिवार की ओर से उन्हें अपना गोत्र देने की पेशकश की गई है।

इसके अलावा उन्होंने जोड़ा कि गुर्जर समाज और विशेष रूप से लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर तो उन्हें अपना गोत्र देने के लिए तैयार खड़े ही हैं, क्योंकि वह उनके लिए पिता तुल्य हैं।

कौन हैं नाजिया इलाही खान

नाजिया इलाही खान मूल रूप से पश्चिम बंगाल की निवासी हैं। उन्होंने कोलकाता यूनिवर्सिटी से एलएलबी (LLB) और एलएलएम (LLM) की डिग्री हासिल करने के बाद देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) में वकालत की शुरुआत की। सुप्रीम कोर्ट में बहुचर्चित ‘तीन तलाक’ मामले में उन्होंने याचिकाकर्ता इशरत जहां के कानूनी सलाहकार (लीगल एडवाइजर) के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई थी।

साल 2018 में नाजिया औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं और वर्तमान में वे बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा से जुड़ी हुई हैं। वे लगातार मुस्लिम समाज में मौजूद कुरीतियों, कट्टरपंथ और रूढ़िवादी परंपराओं पर मुखर होकर हमला बोलती रही हैं।

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आईएसआई से मिल चुकी हैं जान से मारने की धमकियां

अपने बेबाक विचारों और बयानों के कारण नाजिया इलाही खान लंबे समय से कट्टरपंथियों के निशाने पर रही हैं। उन्हें कई बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं, जिनमें पाकिस्तान से आने वाली धमकियां भी शामिल हैं। नाजिया ने पिछले दिनों आरोप लगाया था कि उन्हें आईएसआई (ISI) हैंडलर शहजाद भट्टी और उसके कमांडो हुनैन राणा के नंबरों से बेहद डरावने वीडियो और धमकी भरे मैसेज भेजे गए थे, जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई थीं।

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