लहरा दो तिरंगा प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात महिला CRPF जवान को मारा थप्पड़, पुलिस ने जारी किया वीडियो
Connaught Place CRPF Jawan Slapped: देश की राजधानी नई दिल्ली के सबसे व्यस्त इलाके कनॉट प्लेस और पालिका बाजार में लहरा दो तिरंगा प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाने और सुरक्षाबलों के साथ बदसलूकी का एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को एक वीडियो फुटेज जारी किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने ड्यूटी पर तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान पर हमला कर दिया।
यूट्यूबर बताकर महिला ने जड़ा थप्पड़
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान खुद को यूट्यूबर बताने वाली एक महिला ने राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 6 के पास ड्यूटी निभा रहे CRPF जवान पर अचानक हाथ उठाते हुए थप्पड़ जड़ दिया। इस शर्मनाक घटना ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ तथाकथित सोशल मीडिया रीलबाजों और फर्जी पत्रकारों के तौर-तरीकों पर बड़े और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जंतर-मंतर पर गिरफ्तारी और CJP का मार्च
बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने सीजेरियन सदस्यों सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस में इस मार्च का आह्वान किया था। इससे पहले सौरव और आशुतोष को जंतर-मंतर पर सुरक्षा घेरे को तोड़कर घुसने की कोशिश के दौरान पकड़ा गया था। CJP और अन्य विपक्षी दल एसआईआर (SIR) को वापस लेने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार आक्रामक प्रदर्शन कर रहे हैं।
A woman argued with CRPF personnel. The situation got worse after she allegedly slapped one jawan. The CRPF then used lathis to control the crowd. Police have filed an FIR and are investigating the matter. pic.twitter.com/i7tiwQcjuA
— 𝐌𝐨𝐧𝐨𝐣𝐢𝐭 𝐒𝐢𝐧𝐡𝐚 (@MonojitSinha11) October 17, 2026
हिरासत और पीस बॉन्ड का उल्लंघन
इस मार्च के शुरू होने से पहले ही एहतियातन कदम उठाते हुए दिल्ली पुलिस ने CJP संस्थापक अभिजीत दिपके और AISA प्रमुख नेहा बोरा को हिरासत में ले लिया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभिजीत दिपके को सेंट्रल पार्क के पास न जाने के स्पष्ट निर्देश देते हुए दो नोटिस जारी किए गए थे और उन्होंने 50,000 रुपये का पीस बॉन्ड भी भरा था, बावजूद इसके नियमों का सरेआम उल्लंघन किया गया।
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कैमरे की आड़ में उपद्रव और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस द्वारा सार्वजनिक किए गए वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे हाथ में मोबाइल कैमरे और माइक लेकर चलने वाले कुछ लोग भीड़ की आड़ में अचानक हिंसक और आक्रामक हो गए। जब मौके पर मौजूद CRPF के जवानों ने पूरी संयम और मुस्तैदी के साथ हालात को संभालने और उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, तो वे चीखने-चिल्लाने लगे और खाकी पर हाथ छोड़ दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उस वक्त सतर्क जवानों ने थोड़ी भी आक्रामकता दिखाई होती, तो स्थिति बेकाबू होकर और अधिक गंभीर हो सकती थी। फिलहाल, दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां आसपास लगे विभिन्न सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में जुटी हैं, ताकि हमला करने वाले इन तथाकथित पत्रकारों और उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी शिकंजा कसा जा सके।
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