राहुल गांधी पर बृजभूषण शरण सिंह का तीखा वार, बोले- चुनाव आयोग को निशाना बनाने की पुरानी आदत है

Brij Bhushan Sharan Singh

Gonda News: दिल्ली में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। गोंडा स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी यह कह रहे हैं कि हम ऐसा भारत नहीं चाहते थे, यह दूसरी तरह का भारत है, लेकिन यह समझना बेहद जरूरी है कि आखिर यह विरोध किस मुद्दे पर हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में पहले भी प्रदर्शन होते रहे हैं और आगे भी होंगे, लेकिन आज जनता की बुनियादी समस्याओं जैसे महंगाई, किसान या बेरोजगारी को लेकर कोई बात नहीं की जा रही है, बल्कि सिर्फ चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को निशाना बनाया जा रहा है।

गृहमंत्री का नाम घसीटे जाने पर कड़ी आपत्ति

बृजभूषण शरण सिंह ने विरोध-प्रदर्शनों के दौरान देश के गृहमंत्री अमित शाह का नाम घसीटे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने दो टूक कहा कि गृहमंत्री का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। वे देश के निर्वाचित गृहमंत्री हैं और किसी की दया पर इस पद पर नहीं बैठे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति पर सवाल उठाने वालों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह बताए कि उन्होंने अपने शासनकाल में केपीएस गिल या नवीन चावला की नियुक्ति किस कानून के तहत की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2023 से पहले देश में चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की कोई निश्चित प्रक्रिया नहीं थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद संसद द्वारा कानून बनाकर स्थापित किया गया। वर्तमान नियुक्ति प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और गृहमंत्री की उच्चस्तरीय कमेटी द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ की गई है।

एलन मस्क के बयान और प्रोटेस्ट की टाइमिंग पर उठाए सवाल

प्रोटेस्ट की टाइमिंग पर सवाल खड़े करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि यह सब एक सोची-समझी रणनीति के तहत कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एलन मस्क का बयान आता है और राहुल गांधी उसे तुरंत रीट्वीट करते हैं, जिससे साफ संदेह पैदा होता है कि यह आंदोलन स्वतःस्फूर्त नहीं बल्कि प्रायोजित है। उन्होंने कहा कि दिल्ली को बंधक बनाकर रख दिया गया है, जिससे व्यापारी, छात्र और आम ऑफिस जाने वाले लोग बुरी तरह परेशान हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि दिल्ली से 10-20 किलोमीटर दूर कोई मैदान धरना-प्रदर्शन के लिए सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि आम नागरिकों को असुविधा न हो।

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न्यायपालिका पर दबाव बनाना चाहती है विपक्ष

आंदोलनकारियों के रुख पर हमला बोलते हुए बृजभूषण ने कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब आंदोलनकारी सुप्रीम कोर्ट के जजों से मिलकर न्यायपालिका पर दबाव बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अगर लगता है कि वोटर लिस्ट से नाम काटने या किसी प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी हुई है, तो वे सीधे कानून का सहारा लें और कोर्ट या चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाएं, लेकिन केवल बेबुनियाद आरोप लगाकर देश का माहौल खराब करना बंद करें।

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