CBFC का हुआ पुनर्गठन, 18 नए बोर्ड मेंबर्स में प्रीति जिंटा और पंकज त्रिपाठी भी शामिल
CBFC Reconstitution: केंद्र सरकार ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का तत्काल प्रभाव से पुनर्गठन करते हुए 18 नए सदस्यों वाले पैनल की घोषणा की है। इस नवगठित बोर्ड में सिनेमा, संगीत, कला और संस्कृति जगत के कई दिग्गजों को जगह दी गई है। नए पैनल में प्रमुख रूप से बॉलीवुड व क्षेत्रीय सिनेमा के जाने-माने नाम प्रीति ज़िंटा, पंकज त्रिपाठी, सुनील शेट्टी, पल्लवी जोशी, रूपाली गांगुली और प्रोसेनजीत चटर्जी शामिल हैं। इनके अलावा मशहूर फिल्म निर्देशक प्रियदर्शन और ग्रैमी अवॉर्ड विजेता संगीतकार रिकी केज को भी बोर्ड का सदस्य बनाया गया है।
पुनर्गठित CBFC के 18 सदस्य
विनोद अनुपम
मनोज जोशी
अभिषेक जैन
रिकी केज
प्रियदर्शन
सुनील शेट्टी
हंसराज हंस
सुप्रिया यारलागड्डा
यतीन्द्र मिश्र
रूपाली गांगुली
प्रीति जिंटा
नीला माधब पांडा
पंकज त्रिपाठी
प्रोसेनजीत चटर्जी
पल्लवी जोशी
निशिगंधा वाड
वामन केंद्रे
रमेश पतंगे
सीबीएफसी (CBFC) कैसे करता है काम
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का काम केवल किसी फिल्म की रिलीज पर निर्णय लेना नहीं है, बल्कि विषय सामग्री और दृश्यों के आधार पर फिल्मों को अलग-अलग श्रेणियों में प्रमाणित करना भी है।
U (यू): सभी आयु वर्ग के लिए (बिना किसी प्रतिबंध के सार्वजनिक प्रदर्शन)।
UA (यूए): अभिभावकों की देखरेख में देखने योग्य। नए नियमों के तहत अब इसमें उम्र के हिसाब से UA 7+, UA 13+ और UA 16+ श्रेणियां भी जोड़ी गई हैं।
A (ए): केवल वयस्कों (18+ वर्ष) के लिए।
S (एस): डॉक्टरों, वैज्ञानिकों या किसी विशेष वर्ग के दर्शकों के लिए।
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सेंसरशिप की प्रक्रिया में प्राथमिक स्तर पर ‘एग्जामिनिंग कमेटी’ (जांच समिति) फिल्म को देखकर सर्टिफिकेट देती है। यदि निर्माता या बोर्ड उस फैसले से असहमत होते हैं, तो फिल्म को ‘रिवाइजिंग कमेटी’ (पुनरीक्षण समिति) के पास समीक्षा के लिए भेजा जाता है। बीते 29 अगस्त को छह साल के लंबे अंतराल के बाद हुई सीबीएफसी की बोर्ड बैठक में इन्हीं रिवाइजिंग कमेटियों के पारदर्शी गठन और संचालन को लेकर भी चर्चा हुई थी।
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