मासूम के हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए सीएम योगी से मिलने जा रहे पीड़ित परिवार से पुलिस ने की मारपीट

Farrukhabad Police Viral Video

Farrukhabad Police Viral Video: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से खाकी को शर्मसार कर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। अपने 10 वर्षीय मासूम बेटे के हत्यारों की गिरफ्तारी और न्याय की गुहार लगाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने जा रहे एक पीड़ित परिवार को पुलिस ने जबरन रोक दिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें करीब छह घंटे तक घर में बंद कर कैद रखा और विरोध करने पर महिला थानाध्यक्ष (SHO) ने घर की महिलाओं के साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

पुलिस ने पीड़ित परिवार के घर बिछाया पहरा

पूरा मामला फर्रुखाबाद के जहानगंज थाना क्षेत्र स्थित कोरीखेड़ा गांव का है। गांव निवासी चंद्रप्रकाश गुप्ता के 10 साल के बेटे की महीनों पहले अपहरण के बाद निर्मम हत्या कर दी गई थी। गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फर्रुखाबाद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने पहुंचे थे। जैसे ही पीड़ित परिवार को सीएम के आगमन की सूचना मिली, वे अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए मुख्यमंत्री से मिलने जाने की तैयारी करने लगे।

सूचना मिलते ही जहानगंज थाने की पुलिस गांव पहुंच गई और पीड़ित परिवार को घर से बाहर निकलने से रोक दिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें घर में नजरबंद कर दिया और विरोध करने पर उनके साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की की गई।

महिला SHO पूनम अवस्थी पर थप्पड़ बरसाने का आरोप

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो पड़ोसी के मकान की छत से बनाया गया है। वीडियो में पुलिस और पीड़ित परिवार के बीच तीखी बहस और झड़प साफ नजर आ रही है। इसी दौरान महिला थानाध्यक्ष पूनम अवस्थी आती हैं और पीड़ित परिवार की एक महिला को खींचकर जमीन पर गिरा देती हैं। आरोप है कि महिला थानाध्यक्ष ने पीड़ित महिलाओं पर ताबड़तोड़ थप्पड़ बरसाए और उनके मोबाइल फोन भी छीनकर अपने कब्जे में ले लिए। घटना के बाद से स्थानीय लोगों में पुलिस के इस तानाशाही रवैये को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है।

10 महीने बाद भी हत्यारे पुलिस की गिरफ्त से बाहर

पीड़ित चंद्रप्रकाश गुप्ता के अनुसार, 10 दिसंबर 2025 को उनके 10 साल के बेटे का संदिग्ध परिस्थितियों में अपहरण कर लिया गया था। चार दिनों के बाद बालक का शव एक आलू के खेत से बरामद हुआ था। परिजनों ने घटना के संबंध में नामजद आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी थी, लेकिन परिजनों का गंभीर आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को क्लीन चिट दे दी। घटना के 10 महीने बीत जाने के बाद भी फर्रुखाबाद पुलिस न तो हत्या का खुलासा कर सकी है और न ही मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर पाई है। इसी लाचारी में परिवार मुख्यमंत्री से मिलकर गुहार लगाना चाहता था, जिसे पुलिस की सख्ती से दबा दिया गया।

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