यासीन मलिक ने पत्नी मुशाल से अलग होने की जताई इच्छा, सता रहा फांसी का डर

Yasin Malik

Newschuski Digital Desk: यूपीए सरकार में दिल्ली पीएमओ तक अपनी धाक जमाने वाला कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनने के बाद अपनी गुनाहों की सजा भुगत रहा है। कभी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से जाकर सीधे मिलने वाले यासीन मलिक को अब फांसी का डर सताने लगा है। टेरर फंडिंग मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे कश्मीरी अलगाववादी नेता और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के चीफ यासीन मलिक ने अपनी पाकिस्तानी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक से अलग होने की इच्छा व्यक्त की है।

जम्मू की TADA/POTA अदालत में दाखिल 25 पन्नों के अपने हलफनामे में यासीन मलिक ने अपनी पत्नी, मां और 13 वर्षीय बेटी रजिया सुल्ताना के नाम एक भावुक संदेश लिखा है। मलिक ने दावा किया कि पिछले आठ वर्षों से उसका अपनी पत्नी से फोन या वीडियो कॉल के जरिए कोई सामान्य संपर्क नहीं हो सका है।

मुशाल को विधवा की तरह नहीं देखना चाहता

यासीन मलिक ने अपने हलफनामे में लिखा है कि उसने बेहद मानसिक पीड़ा के बीच रिश्ते को खत्म करने का यह फैसला लिया है। उसने कहा कि वह नहीं चाहता कि मुशाल अपनी पूरी जिंदगी अनिश्चितता और तनाव में गुजारे या विधवा की तरह जीवन बिताए। मलिक ने अपने खिलाफ चल रहे मामलों, विशेष रूप से NIA द्वारा मांगी गई फांसी की सजा (मृत्युदंड) की आशंका का हवाला देते हुए कहा कि उसके सामने या तो मौत की सजा का खतरा है या फिर ताउम्र जेल का। इसलिए वह मुशाल को इस बंधन से मुक्त कर एक नया और सम्मानजनक जीवन शुरू करने की सलाह दे रहा है।

Yasin Malik

बेटी रजिया सुल्ताना का भावुक और कड़ा रुख

हलफनामे में मलिक ने अपनी 13 साल की बेटी रजिया से अपनी दादी का ख्याल रखने और उनसे रोज कम से कम 5 मिनट बात करने की हिदायत दी है। हालांकि, पिता के इस फैसले की खबर सामने आते ही रजिया की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। एक वीडियो संदेश जारी कर रजिया ने अपने पिता के तलाक के इस फैसले पर गहरी नाराजगी जताई और कहा कि अगर उसके पिता ने उसकी मां को तलाक दिया, तो वह अपनी जान दे देगी।

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जानिए कौन हैं यासीन और मुशाल

श्रीनगर में जन्मे यासीन मलिक ने 1980 के दशक में सशस्त्र उग्रवाद का रास्ता चुना था, हालांकि 1994 में उसने हिंसा छोड़कर शांतिपूर्ण अलगाववादी राजनीति का दावा किया। 2019 से तिहाड़ में बंद मलिक को मई 2022 में टेरर फंडिंग केस में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, जिसे अब NIA मृत्युदंड में बदलने की कानूनी लड़ाई लड़ रही है। वहीं, उसकी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक पाकिस्तान की जानी-मानी आर्टिस्ट और एक्टिविस्ट हैं, जिन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से पढ़ाई की है। साल 2005 में पाकिस्तान दौरे के दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी और 2009 में निकाह हुआ था। मुशाल पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार में मानवाधिकार मामलों की विशेष सलाहकार भी रह चुकी हैं।

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