अब तक 36, PM मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान ओली दाराजाली दुस्तलिक किया गया सम्मनित

PM Modi Uzbekistan Visit

ताशकंद/नई दिल्ली: उज्बेकिस्तान के आधिकारिक दौरे पर पहुंचे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को देश के सर्वोच्च राजकीय पुरस्कार ओली दाराजाली दुस्तलिक से सम्मानित किया गया। ताशकंद में आयोजित भव्य समारोह में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने खुद पीएम मोदी को यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में किसी विदेशी राष्ट्र द्वारा दिया जाने वाला यह 36वां सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मान है, जो भारतीय इतिहास में किसी भी प्रधानमंत्री को मिलने वाले वैश्विक पुरस्कारों में सबसे अधिक है। इससे पहले ताशकंद एयरपोर्ट पहुंचने पर पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद राष्ट्रपति मिर्जियोयेव उन्हें अपने साथ एक ही कार में बैठाकर रवाना हुए थे। रविवार सुबह पीएम मोदी ने ताशकंद में योग फेडरेशन ऑफ उज्बेकिस्तान द्वारा आयोजित योग सत्र में भी हिस्सा लिया।

वैश्विक मामलों में भारत की आवाज हुई मजबूत

सम्मान समारोह के दौरान राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने पीएम मोदी को अपना करीबी मित्र बताते हुए भारत की वैश्विक उपलब्धियों की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में असाधारण परिणाम हासिल कर रहा है और उच्च आर्थिक विकास दर बनाए हुए है। राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने कहा कि डिजिटलाइजेशन, सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अंतरिक्ष अन्वेषण (Space Exploration) के क्षेत्र में भारत ने अप्रत्याशित प्रगति की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक मंचों पर नई दिल्ली का प्रभाव और आवाज पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है, जिसे देखकर उज्बेकिस्तान एक घनिष्ठ मित्र के रूप में बेहद प्रसन्न और गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

भारत को यूरेनियम आपूर्ति पर बनी दीर्घकालिक सहमति

द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग को लेकर अत्यंत महत्वपूर्ण प्रगति हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम की निर्बाध आपूर्ति के लिए एक दीर्घकालिक रणनीति और स्थायी व्यवस्था बनाई जाएगी, जिसे दोनों देशों के ऊर्जा संबंधों के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है। इसके साथ ही, द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के लिए विदेश मंत्री स्तर पर एक समन्वय परिषद का गठन करने और आपसी संयुक्त आयोग को सचिव स्तर से प्रमोट करके मंत्री स्तर तक ले जाने का फैसला लिया गया। व्यापारिक रिश्तों में तेजी लाने के लिए दोनों देश जल्द ही एक साझा बिजनेस समिट का आयोजन भी करेंगे।

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न्यू ताशकंद व GIFT सिटी के बीच तकनीकी साझेदारी

बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय संपर्क और शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए तीन सिस्टर-सिटी और सिस्टर-स्टेट समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान के न्यू ताशकंद जैसे महत्वाकांक्षी मेगा-प्रोजेक्ट और भारत के गुजरात स्थित GIFT सिटी का उदाहरण देते हुए तकनीकी हस्तांतरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान का एक अध्ययन प्रतिनिधिमंडल जल्द भारत का दौरा करेगा, जो GIFT सिटी में इस्तेमाल की जा रही आधुनिक तकनीकों का विश्लेषण करेगा। दोनों देश इन सभी पहलों की क्षमता का पूर्ण उपयोग करने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार करने पर भी सहमत हुए।

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