लखनऊ के मलिहाबाद में कंस किले पर बढ़ा तनाव, बकरीद की नमाज पर लगी रोक
Lucknow News: लखनऊ के ग्रामीण इलाके मलिहाबाद के कसमंडी कला में स्थित विवादित स्थल कंस किले को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। सांप्रदायिक सौहार्द्र और कानून-व्यवस्था बिगड़ने के अंदेशे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने कसमंडी में बकरीद की सामूहिक नमाज अदा करने पर रोक लगा दी है। वहीं दूसरी ओर, ज्येष्ठ माह के बड़े मंगल के अवसर पर पासी समाज द्वारा प्रस्तावित सुंदरकांड के पाठ की इजाजत भी पुलिस ने नहीं दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पासी समाज के कई नेताओं को पुलिस ने कानूनी नोटिस थमा दिया है।
दरअसल, यह पूरा टकराव मुस्लिम पक्ष और पासी समाज के बीच एक स्थल के दावे को लेकर है। कसमंडी कला में मौजूद एक मकबरे और मस्जिद को पासी समुदाय महाराजा राजपासी कंस का प्राचीन किला होने का दावा करता रहा है। पासी समाज ने ऐतिहासिक साक्ष्यों का हवाला देते हुए इस जगह पर अपना अधिकार जताया है और मंगलवार को वहां सुंदरकांड पाठ करने का ऐलान किया था। टकराव टालने के लिए मलिहाबाद पुलिस ने पासी समाज के 15 प्रमुख नेताओं को नोटिस जारी कर कड़ी चेतावनी दी है कि यदि किले के आसपास किसी भी तरह से कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई, तो उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
संदिग्धों पर पुलिस की सख्त नजर
प्रशासनिक मुस्तैदी के चलते पासी समाज के अध्यक्ष को उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया गया, ताकि वे कार्यक्रम स्थल तक न पहुंच सकें। पुलिस बल ने किले की ओर जाने वाले सभी रास्तों को ब्लॉक कर दिया है और वहां आने-जाने वाले हर व्यक्ति से कड़ी पूछताछ की जा रही है। किसी भी बाहरी या अवांछनीय तत्व को क्षेत्र में फटकने नहीं दिया जा रहा है। इस दौरान पड़ोसी जिले उन्नाव से आए दो संदिग्धों को पुलिस ने मलिहाबाद सीमा पर ही रोक लिया और कड़ी हिदायत देकर वापस भेज दिया।
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इस विवाद में अब राजनीतिक मोड़ भी आ गया है। पासी समाज के संगठन ‘लाखन आर्मी’ ने मलिहाबाद के इस कथित कंस किले को बचाने और दबे हुए इतिहास को उजागर करने के लिए एक बड़ा अभियान छेड़ा है। लाखन आर्मी के नेता सूरज पासी ने समाजवादी पार्टी के बड़े पासी चेहरों, जैसे अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद और मोहनलालगंज के सांसद आरके चौधरी से इस मुहिम में साथ आने की अपील की थी।
हालांकि, अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने इस पूरे विवाद से खुद को दूर कर लिया है। उन्होंने ‘पासी किला बनाम मस्जिद’ के इस पूरे मामले को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का राजनीतिक एजेंडा करार दिया। सांसद ने कहा कि पासी समाज हमेशा से भाईचारे और समाज को जोड़ने का काम करता रहा है, वह कभी भी किसी मुद्दे पर सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने वाली राजनीति का हिस्सा नहीं बन सकता।
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