Ebola के नए रूप ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन, कांगो में मची तबाही

ebola virus new bundibugyo strain

Newschuski Digital Desk: दुनिया अभी कोरोना महामारी के खौफनाक दौर और उसके दुष्प्रभावों से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि एक और जानलेवा वायरस ने वैश्विक स्वास्थ्य संगठनों की चिंता बढ़ा दी है। इस बार यह गंभीर खतरा अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DR Congo) से सामने आया है। कांगो में इबोला वायरस का एक नया और बेहद खतरनाक म्यूटेंट रूप (स्ट्रेन) बड़ी तेजी से पैर पसार रहा है। सबसे डराने वाली बात यह है कि इस नए वेरिएंट से निपटने के लिए फिलहाल दुनिया के पास न तो कोई सुरक्षात्मक टीका (वैक्सीन) मौजूद है और न ही इसके इलाज के लिए कोई सटीक एंटी-वायरल दवा बनी है।

संक्रमितों के बचने की उम्मीद बेहद कम

कांगो के स्वास्थ्य मंत्री सैमुअल-रोजर कंबा ने एक आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस नए खतरे की पुष्टि की है। उन्होंने वैश्विक समुदाय को चेतावनी देते हुए कहा कि इबोला का यह नया रूप बेहद आक्रामक और जानलेवा है, जिससे संक्रमित होने वाले मरीजों के बचने की संभावना काफी कम हो जाती है।

उन्होंने बताया कि इस समय देश में इबोला का ‘बुंदीबुग्यो’ (Bundibugyo) स्ट्रेन फैल रहा है। स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, इबोला के पिछले स्वरूपों के लिए वैज्ञानिकों ने कड़ी मशक्कत के बाद वैक्सीन तैयार कर ली थी, लेकिन बुंदीबुग्यो स्ट्रेन पर पुरानी वैक्सीन बेअसर हैं। इसका मृत्यु दर (डेथ रेट) 50 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। यानी यदि इसकी चपेट में 100 लोग आते हैं, तो उनमें से 50 मरीजों की मौत की आशंका रहती है। यही कारण है कि दुनिया भर के डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट्स इस आउटब्रेक को लेकर बेहद मुस्तैद और परेशान हैं।

246 संदिग्ध मामले आए सामने, नर्स की मौत

कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अब तक इस नए स्ट्रेन के 246 संदिग्ध मामले दर्ज किए जा चुके हैं। हाल ही में बुनिया शहर के इवेंजेलिकल मेडिकल सेंटर में कार्यरत एक नर्स की इस वायरस की चपेट में आने से मौत हो गई। मरने से पहले उसमें तेज बुखार, अंदरूनी अंगों से खून बहना (ब्लीडिंग), लगातार उल्टी और अत्यधिक कमजोरी जैसे गंभीर लक्षण देखे गए थे।

क्या है इबोला वायरस और इसके लक्षण

इबोला एक अत्यंत घातक संक्रामक बीमारी है, जो मूल रूप से चमगादड़ या संक्रमित बंदरों जैसे जानवरों के जरिए इंसानों में फैलती है। एक बार इंसानों में पहुंचने के बाद यह संक्रमित व्यक्ति के बॉडी फ्लूइड्स (थूक, पसीना या खून) के संपर्क में आने से दूसरे इंसानों में फैलने लगती है।

इसे भी पढ़ें: तालिबान का फरमान, अब कुंवारी लड़कियों की चुप्पी को माना जाएगा शादी के लिए हां

मुख्य लक्षण

अचानक तेज बुखार आना

सिर में असहनीय दर्द और अत्यधिक कमजोरी

गले में गंभीर खराश और मांसपेशियों में तेज दर्द

बीमारी के गंभीर चरण में शरीर के अंदरूनी और बाहरी हिस्सों (जैसे आंख, नाक, मसूड़ों) से खून बहना (Hemorrhage)

मल्टीपल ऑर्गन फेलियर (अंगों का काम बंद करना)

चूंकि इस वायरस की कोई प्रामाणिक दवा नहीं है, इसलिए डॉक्टर फिलहाल मरीजों को केवल सपोर्टिव केयर (लक्षणों के आधार पर इलाज) दे रहे हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब तक नई वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक सख्त आइसोलेशन, सैनिटाइजेशन और संक्रमितों से दूरी बनाए रखना ही एकमात्र बचाव है।

इसे भी पढ़ें: मोबाइल टावर पर चढ़कर प्रेमी से तुरंत निकाह की मांग पर अड़ी बुर्कानशीं नाबालिग

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NEWS CHUSKI के Facebook पेज को LikeTwitterInstagram पर Follow करना न भूलें...