Purushottam Maas: 17 मई से मांगलिक कार्यों पर लगेगा ब्रेक, जानें क्या करें और क्या नहीं
Purushottam Maas: हिंदू पंचांग के अनुसार, आगामी 17 मई से 15 जून तक चलने वाले पवित्र पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) के कारण विवाह, मुंडन और गृहप्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों पर कुछ समय के लिए विराम लग जाएगा। शास्त्रों के अनुसार, इस एक माह की अवधि में प्रथम बार किए जाने वाले शुभ कार्य वर्जित माने गए हैं। 15 जून के बाद ही दोबारा शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी और शुभ मुहूर्तों का सिलसिला शुरू होगा।
भ्रांतियां न पालें, शास्त्रों में स्पष्ट हैं नियम
श्री गुरु शिवाधर दुबे ट्रस्ट के संस्थापक स्वामी श्री गुरु शिवाधर दुबे महाराज ने अधिकमास को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए बताया कि फल प्राप्ति की इच्छा (काम्य कर्म) से किए जाने वाले कार्य इस मास में वर्जित हैं। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्य शामिल हैं:
वर्जित कार्य: विवाह, गृहप्रवेश, गृहारंभ, यज्ञोपवीत, मुंडन, कर्णवेध और प्रथम तीर्थयात्रा।
निर्माण कार्य: कुआं, बावली या बोरिंग का नया निर्माण भी इस दौरान टालना चाहिए।
इसे भी पढ़ें: अर्ध-सत्य का दुष्प्रभाव
भक्ति और दान-पुण्य के लिए विशेष फलदायी समय
स्वामी जी ने बताया कि भले ही मांगलिक कार्य वर्जित हों, लेकिन आध्यात्मिक दृष्टि से यह मास अत्यंत लाभकारी है। भगवान विष्णु की आराधना, भागवत कथा, रामकथा, भजन-कीर्तन और दान-पुण्य के लिए इसे सर्वोत्तम माना गया है। इस मास में निष्काम भाव से की गई सेवा का अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं इस मास को अपना स्वरूप बताया है, इसलिए साधु-संतों और दीन-दुखियों की सेवा इस दौरान सर्वश्रेष्ठ फल देती है।
खरीददारी के लिए शुभ है यह अवधि
एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए स्वामी जी ने कहा कि अधिकमास में दैनिक उपयोग की वस्तुओं की खरीददारी पर कोई रोक नहीं है।
क्या खरीद सकते हैं: नए वस्त्र, आभूषण, वाहन, और इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे टीवी, फ्रिज, एसी आदि।
निवेश: नया फ्लैट या मकान खरीदना और उसका प्रथम उपयोग भी इस मास में शुभ माना गया है।
इसे भी पढ़ें: मुक्ति
