Hantavirus को लेकर WHO ने दी चेतावनी, जानें कितना खतरनाक है यह संक्रमण
Hantavirus: हाल ही में एक लग्जरी क्रूज जहाज पर हंता वायरस के संदिग्ध मामलों ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण के संदेह वाले 7 मामले सामने आए हैं, जिनमें 3 लोगों की दुखद मृत्यु हो चुकी है। आमतौर पर चूहों से फैलने वाला यह वायरस अब अपनी प्रकृति बदलने के संकेतों के कारण चर्चा में है।
क्या है हंता वायरस और कैसे बनाता है शिकार
हंता वायरस कोई नया वायरस नहीं है, लेकिन इसकी गंभीरता इसे जानलेवा बनाती है। यह मुख्य रूप से कृंतकों (Rodents) जैसे चूहों और गिलहरियों के जरिए इंसानों तक पहुँचता है।
संक्रमण का जरिया: यह वायरस संक्रमित चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आने से फैलता है। सबसे खतरनाक स्थिति तब होती है जब इन अपशिष्टों के बारीक कण हवा में मिल जाते हैं और इंसान सांस के जरिए इन्हें अंदर ले लेता है।
दुर्लभ स्थिति: हालांकि इंसानों से इंसानों में इसका फैलना बेहद दुर्लभ है, लेकिन क्रूज शिप की हालिया घटना ने विशेषज्ञों को सतर्क कर दिया है।
लक्षण- सामान्य फ्लू से लेकर अंगों का फेल होना
हंता वायरस के लक्षण दिखने में 1 से 8 सप्ताह का समय लग सकता है। इसके लक्षणों को दो श्रेणियों में बांटा गया है।
प्रारंभिक अवस्था: बुखार, मांसपेशियों में तेज दर्द, सिरदर्द, थकान और पेट में ऐंठन।
गंभीर अवस्था (HPS): संक्रमण बढ़ने पर फेफड़ों में पानी भर जाता है, जिससे सांस लेने में भारी तकलीफ और सीने में जकड़न महसूस होती है। इसकी मृत्यु दर करीब 38% तक हो सकती है।
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खुद को कैसे बचाएं
WHO के अनुसार आम जनता के लिए जोखिम कम है, फिर भी सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
चूहों पर नियंत्रण: घर और कार्यस्थल के आसपास चूहों के रहने की जगहों को बंद करें।
सफाई में सावधानी: चूहे के मल वाली जगह पर सूखी झाड़ू न लगाएं। पहले वहां कीटाणुनाशक छिड़कें ताकि धूल न उड़े।
खाद्य सुरक्षा: खाने की सामग्री को एयरटाइट डिब्बों में रखें।
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