UP Labour Protest: हरियाणा के बाद अब उत्तर प्रदेश में सुलग रही है विरोध की आग, केंद्र सरकार भी अलर्ट

up industrial unrest labour

UP Labour Protest: उत्तर प्रदेश के कई औद्योगिक क्षेत्रों में वेतन वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा की मांगों को लेकर मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा है। उग्र प्रदर्शनों और बढ़ते आंदोलनों ने अब केंद्र सरकार की भी चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, मजदूर असंतोष की यह चिंगारी हरियाणा के मानेसर से शुरू हुई थी, जो अब उत्तर प्रदेश की सीमाओं में दाखिल होकर विकराल रूप ले रही है।

बीजेपी शासित राज्यों के लिए बढ़ी चुनौती

यह संकट भारतीय जनता पार्टी के लिए राजनीतिक सिरदर्द साबित हो सकता है क्योंकि प्रभावित होने वाले चारों प्रमुख राज्य—उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली (NCR क्षेत्र)—बीजेपी या उसके प्रभाव वाले केंद्र के अधीन आते हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि स्थिति जल्द काबू में नहीं आई, तो केंद्र सरकार इन राज्यों के साथ औपचारिक या अनौपचारिक बैठकें कर हस्तक्षेप कर सकती है।

up industrial unrest labour

हरियाणा का मानेसर मॉडल और उसकी कमियां

कुछ दिनों पहले हरियाणा के मानेसर में भारी बवाल हुआ था, जिसे राज्य सरकार ने न्यूनतम वेतन बढ़ाकर शांत तो कर दिया, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह समाधान जल्दबाजी में लिया गया। हरियाणा सरकार ने इस फैसले से पहले न तो मजदूर संगठनों को भरोसे में लिया और न ही केंद्रीय श्रम मंत्रालय या पड़ोसी राज्यों से चर्चा की। विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट और आर्थिक अस्थिरता को देखते हुए ऐसे फैसले व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही लिए जाने चाहिए।

यूपी में आंदोलनों के पीछे चुनावी कनेक्शन

उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में जिस तरह अचानक प्रदर्शन उग्र हुए हैं, उसमें प्रशासनिक अधिकारी ‘राजनीतिक मंशा’ भी देख रहे हैं। चूंकि राज्य में अगले साल की शुरुआत में ही चुनाव होने हैं, इसलिए इस मुद्दे को गर्माया जा रहा है। राजस्थान में भी न्यूनतम वेतन कम है, लेकिन वहां भिवाड़ी के अलावा स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। वहीं, दिल्ली में न्यूनतम वेतन देश में सबसे अधिक होने के कारण वहां अभी शांति बनी हुई है।

up industrial unrest labour

उद्योग और मजदूर, संतुलन बनाना बड़ी चुनौती

सरकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उद्योगों और मजदूरों के हितों के बीच संतुलन साधना है। जहाँ एक तरफ मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक वेतन जरूरी है, वहीं दूसरी ओर उद्योगों की सुरक्षा और उनकी आर्थिक क्षमता का ध्यान रखना भी अनिवार्य है, ताकि निवेश प्रभावित न हो।

इसे भी पढ़ें: अमेरिका ने की ईरान की समुद्री नाकेबंदी, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया संकट

केंद्रीय श्रम मंत्रालय की पैनी नजर

केंद्रीय श्रम मंत्रालय के अधिकारियों का मानना है कि उत्तर प्रदेश प्रशासन इस स्थिति को खुद संभालने में सक्षम है। हालांकि, मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यदि जरूरत पड़ी, तो वे राज्यों के साथ साझा चर्चा करेंगे और हर संभव मदद उपलब्ध कराएंगे।

इसे भी पढ़ें: उपज अधिवेशन में बोले राज्यपाल संतोष गंगवार

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NEWS CHUSKI के Facebook पेज को LikeTwitterInstagram पर Follow करना न भूलें...