बालेन शाह बने नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री, जानें कैसा रहा इंजीनियर से पीएम तक का सफर
काठमांडू: नेपाल की सियासत में शुक्रवार को एक बड़ा इतिहास रचा गया। ‘राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी’ (RSP) के युवा और ओजस्वी नेता बालेंद्र शाह (बालेन शाह) नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए हैं। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संविधान के अनुच्छेद 76(1) के तहत उन्हें इस पद की जिम्मेदारी सौंपी।
शंखनाद के साथ शुरू हुआ नया अध्याय
शुक्रवार दोपहर 12:34 बजे राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य और गरिमामय समारोह में बालेन शाह ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह पूरी तरह हिंदू परंपराओं के अनुसार संपन्न हुआ। समारोह का आगाज सात शंखनादकों द्वारा की गई शंख ध्वनि से हुआ, जिसे नेपाली संस्कृति में विजय और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है।
नेपाल की राजनीति में ऐतिहासिक क्षण!
35 वर्षीय रैपर और पूर्व मेयर बालेन शाह ने देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेकर नेपाल की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत की#Nepal #BalenShah #NepalPolitics #OathCeremony pic.twitter.com/QegTcIZg9f
— डीडी न्यूज़ (@DDNewsHindi) March 27, 2026
चुनावी मैदान में ढहाए बड़े-बड़े किले
हालिया संसदीय चुनावों में बालेन शाह की पार्टी (RSP) ने दो-तिहाई बहुमत हासिल कर सबको चौंका दिया। बालेन शाह ने खुद झापा-5 सीट पर पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को 49,614 वोटों के भारी अंतर से मात दी। 1991 के बाद से नेपाल के चुनावी इतिहास में यह किसी भी उम्मीदवार की सबसे बड़ी जीत है।

इंजीनियर से देश के कैप्टन तक का सफर
27 अप्रैल, 1990 को जन्मे बालेन शाह पेशे से एक स्ट्रक्चरल इंजीनियर हैं। उन्होंने भारत की ‘विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी’ से मास्टर डिग्री हासिल की है। उनकी यही तकनीकी समझ उनके प्रशासनिक फैसलों में साफ झलकती है। 2022 में उन्होंने एक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर काठमांडू के मेयर का चुनाव जीता था। मेयर रहते हुए उनके काम करने के अंदाज और इंफ्रास्ट्रक्चर पर उनकी पकड़ ने उन्हें जनता का चहेता बना दिया।
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बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना नेपाल की राजनीति में युवाओं और बदलाव की एक बड़ी लहर माना जा रहा है। पड़ोसी देशों, विशेषकर भारत के साथ उनके पुराने संबंधों को देखते हुए, अब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों में नई उम्मीदें जागी हैं।
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