दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बना यूपी का लोनी, प्रदूषण में भारत छठे तो पाकिस्तान नंबर-1 पर
Newschuski Digital Desk: ज़रा सोचिए, जिस हवा को हम जीने के लिए अंदर खींच रहे हैं, वही हमारे फेफड़ों को धीरे-धीरे छलनी कर रही है। यह कोई डरावनी फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि स्विट्जरलैंड की संस्था IQAir की ‘वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2025’ की कड़वी सच्चाई है। इस रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि दक्षिण एशिया की हवा अब एक साइलेंट किलर बन चुकी है।
दुनिया के सबसे प्रदूषित देशों में पाकिस्तान टॉप पर
प्रदूषण के मामले में हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान ने दुनिया में पहला स्थान हासिल किया है। भारत इस सूची में छठे नंबर पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के सबसे प्रदूषित देश पाकिस्तान, बांग्लादेश, ताजिकिस्तान, चाड, कांगो और भारत हैं।
हैरानी की बात यह है कि दुनिया के केवल 14% शहर ही WHO के सुरक्षित मानकों पर खरे उतरे हैं। सिर्फ आइसलैंड, ऑस्ट्रेलिया और एस्टोनिया जैसे कुछ चुनिंदा देशों की हवा ही पूरी तरह सांस लेने लायक बची है।
लोनी बना दुनिया का प्रदूषण कैपिटल
रिपोर्ट का सबसे डरावना हिस्सा भारतीय शहरों को लेकर है। दुनिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से 5 अकेले भारत के हैं।
लोनी (उत्तर प्रदेश): यह दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर घोषित किया गया है। यहाँ प्रदूषण का स्तर सुरक्षित सीमा से 22 गुना ज़्यादा है।
दिल्ली: देश की राजधानी दुनिया के चौथे सबसे प्रदूषित शहर के रूप में दर्ज हुई है।
बर्नीहाट (असम-मेघालय सीमा), गाजियाबाद (यूपी) और बीरनगर (पश्चिम बंगाल) भी टॉप-10 की इस खतरनाक लिस्ट में शामिल हैं।
क्यों खतरनाक है यह हवा
लोनी और दिल्ली जैसे शहरों में PM2.5 (सूक्ष्म कण) का स्तर इतना ज्यादा है कि यहाँ एक दिन सांस लेना, कई हफ्तों तक जहरीला धुआं निगलने के बराबर है। WHO का कहना है कि हवा में PM2.5 का स्तर 5 µg/m³ से कम होना चाहिए, लेकिन लोनी में यह 112.5 तक पहुँच गया है।
यह रिपोर्ट केवल आंकड़े नहीं, बल्कि हमारे और हमारे बच्चों के भविष्य के लिए एक खतरे की घंटी है। जहरीली हवा का सबसे बुरा असर बच्चों, बुजुर्गों और दिल के मरीजों पर पड़ रहा है।
इसे भी पढ़ें: इजरायली हमले में IRGC नेवी चीफ अलीरेजा तंगसिरी की मौत
हमें क्या करना चाहिए
बाहर निकलते समय N95 मास्क का उपयोग करें।
सार्वजनिक वाहनों (Public Transport) का अधिक इस्तेमाल करें और निजी गाड़ियां कम निकालें।
पटाखे और कचरा जलाने जैसी आदतों पर पूरी तरह लगाम लगाएं।
ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं और घरों के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।
हवा हमारी साझा विरासत है। अगर इसे आज साफ नहीं किया, तो कल सांस लेना भी एक लग्जरी बन जाएगा।
इसे भी पढ़ें: जरीन खान का छलका कैमरे के पीछे का दर्द
