BHAVYA योजना को केंद्र सरकार ने दी मंजूरी, 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क बनाने पर खर्च होंगे 33,660 करोड़
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए बुधवार को भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) को मंजूरी दे दी। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत देशभर में 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे, जिसके लिए 33,660 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य उच्चस्तरीय औद्योगिक बुनियादी ढांचा तैयार करना, विनिर्माण क्षमता बढ़ाना और भारत की आर्थिक वृद्धि को नई दिशा देना है।
क्या है BHAVYA योजना
BHAVYA योजना को नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट प्रोग्राम (NICDP) के तहत किए गए कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए बनाया गया है। इसे राज्यों और निजी क्षेत्र की साझेदारी में लागू किया जाएगा। योजना में सिंगल विंडो सिस्टम, आसान अनुमोदन प्रक्रिया और निवेशकों के अनुकूल सुधारों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
BHAVYA योजना की विशेषताएं
औद्योगिक पार्क का आकार: 100 से 1000 एकड़
कवरेज: सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश
वित्तीय सहायता: प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक
कोर इंफ्रास्ट्रक्चर: आंतरिक सड़कें, अंडरग्राउंड यूटिलिटी, ड्रेनेज, कॉमन ट्रीटमेंट फैसिलिटी, आईसीटी और प्रशासनिक सिस्टम
वैल्यू-एडेड इंफ्रास्ट्रक्चर: तैयार फैक्ट्री शेड, कस्टमाइज्ड यूनिट्स, टेस्टिंग लैब और वेयरहाउसिंग
सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर: श्रमिकों के लिए आवास और अन्य सहायक सुविधाएं
बाहरी कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए परियोजना लागत का 25 प्रतिशत तक वित्तीय समर्थन भी दिया जाएगा, ताकि औद्योगिक पार्क मौजूदा नेटवर्क से आसानी से जुड़ सकें। परियोजनाओं का चयन चैलेंज मोड के माध्यम से किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल उच्च गुणवत्ता वाले, सुधारोन्मुख और निवेश के लिए तैयार प्रस्ताव ही आगे बढ़ें।
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BHAVYA योजना से किन्हें होगा लाभ
प्रमुख लाभार्थी: मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और वैश्विक निवेशक
अन्य लाभार्थी: श्रमिक, लॉजिस्टिक्स कंपनियां, सेवा क्षेत्र के उद्यम और स्थानीय समुदाय
सरकार का मानना है कि BHAVYA योजना से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्रों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के रोजगार में वृद्धि होगी। इसके अलावा, यह योजना भारत में निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक क्षमता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
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