Navratri 2026: नवरात्रि में घर के मुख्य द्वार पर करें ये 3 वास्तु उपाय, घर में आएगी सुख-शांति
Navratri 2026: नवरात्रि के नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इन दिनों में किए गए कुछ छोटे बदलाव घर की नकारात्मकता को दूर कर देते हैं। अगर आप भी मां लक्ष्मी और मां दुर्गा का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो अपने घर के प्रवेश द्वार पर ये बदलाव जरूर करें।
1. आम के पत्तों का वंदनवार: खुशियों का स्वागत
नवरात्रि के पहले दिन घर के मुख्य द्वार पर वंदनवार (तोरण) बांधना बहुत शुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार, यह घर में आने वाली बाधाओं को रोकता है।
क्या करें: बाजार में मिलने वाले वंदनवार के बजाय आम के ताजे पत्तों से बना तोरण लगाएं। हिंदू धर्म में आम के पत्तों को बेहद पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना गया है। इससे माता दुर्गा प्रसन्न होकर घर में प्रवेश करती हैं।
2. मुख्य द्वार पर जल का कलश: शुक्र और चंद्रमा होंगे मजबूत
घर के दरवाजे पर जल से भरा कलश रखना प्राचीन काल से ही शुभता का प्रतीक रहा है।
कैसे रखें: नवरात्रि के दौरान एक नया कलश खरीदें (घर का पुराना लोटा इस्तेमाल न करें)। इसे मुख्य द्वार के दायीं ओर (Right Side) रखें। कलश के नीचे थोड़े से अक्षत (चावल) जरूर रखें।
फायदा: इससे न केवल मां दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है, बल्कि कुंडली में शुक्र और चंद्रमा की स्थिति भी बेहतर होती है, जिससे घर में मानसिक शांति बनी रहती है।
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3. सिंदूर से बनाएं स्वास्तिक: करियर और धन में मिलेगी तरक्की
स्वास्तिक को हिंदू धर्म में ‘शुभ-लाभ’ और सकारात्मकता का सबसे बड़ा प्रतीक माना गया है।
विधि: नवरात्रि के शुभ दिनों में घर के मुख्य द्वार पर हल्दी या सिंदूर से स्वास्तिक का चिह्न बनाएं।
असर: वास्तु के अनुसार, प्रवेश द्वार पर स्वास्तिक होने से घर में वास्तु दोष दूर होते हैं। इससे करियर में आ रही रुकावटें खत्म होती हैं और आर्थिक क्षेत्र में लाभ के योग बनते हैं।
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