ISI ने लश्कर और ISIS का बनाया हाइब्रिड मॉड्यूल, जम्मू-कश्मीर में बड़े हमले की तैयारी
नई दिल्ली: पाकिस्तान एक बार फिर आतंकी गतिविधियों को नए रूप में संगठित कर भारत के खिलाफ साजिश रच रहा है। खुफिया जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रांत (ISKP) के बीच एक खतरनाक गठजोड़ कराया है। इस ‘हाइब्रिड मॉड्यूल’ का मकसद जम्मू-कश्मीर में आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर आतंकी हमले करना है।
क्या है पूरी रणनीति
ज्वाइंट हेडक्वार्टर: ISI ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के पास खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की तिराह घाटी में लश्कर और ISKP का एक संयुक्त मुख्यालय स्थापित किया है। इसकी कमान पूर्व लश्कर कमांडर और अब ISKP का कमांडर हाफिज जुबैर मुजाहिद को सौंपी गई है।
12 फिदायीनों का पहला मॉड्यूल: जम्मू-कश्मीर में पहले से ही लश्कर-ISKP के 12 फिदायीन आतंकियों का एक समूह मौजूद है, जिसे तीन गुटों में बांटा गया है। इनकी कमान आतंकी अबू हुरैरा, मोहम्मद उमर (खरगोश) और मोहम्मद रिजवान (अबू दुजाना) के हाथों में है।
अफगानी आतंकी घुसाना: अब इस मॉड्यूल को बड़ा करने की योजना है। अगले 6 महीनों में 45 से 60 अफगानी आतंकियों को भर्ती करके उन्हें जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कराना और हमले के लिए तैयार करना है। इनकी घुसपैठ रफीक नाई और शमशेर नाई जैसे पुराने हथियारबंदों की मदद से कराई जाएगी।
दोहरा फायदा: पाकिस्तान इस गठजोड़ से दोहरा फायदा उठाना चाहता है:
भारत के खिलाफ: अफगानी आतंकियों का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में हमलों के लिए।
अपने अंदरूनी दुश्मनों के खिलाफ: कुछ आतंकियों का इस्तेमाल पाकिस्तान के भीतर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों पर हमला करवाने के लिए।
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पाकिस्तान की विरोधाभासी हरकतें
एयरस्ट्राइक में मासूमों की मौत: दिलचस्प बात यह है कि जिस खैबर जिले में यह ज्वाइंट हेडक्वार्टर बनाया जा रहा है, पाकिस्तानी सेना पिछले एक साल से वहां एयरस्ट्राइक करते हुए 60 से ज्यादा आम नागरिकों को मार चुकी है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। इससे वैश्विक समुदाय के सामने सवाल उठता है कि आखिर एक ओर आतंक विरोधी ऑपरेशन का नाटक करने वाला पाकिस्तान दूसरी ओर उसी इलाके में आतंकियों का नया अड्डा क्यों बना रहा है?
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