कौन हैं 63 साल की बोल्ड सीमा आनंद! 15 साल के लड़के वाले बयान पर इंटरनेट पर छिड़ी बहस

seema anand controversy

Newschuski Digital Desk: आजकल सोशल मीडिया पर एक नाम सीमा आनंद हर तरफ छाया हुआ है। 63 साल की उम्र में अपनी जिंदादिली, ग्लैमरस अंदाज और बेबाक बयानों के कारण वह अक्सर चर्चा में रहती हैं। लेकिन इस बार उनके एक अजीबो-गरीब खुलासे ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। लोग उनकी आलोचना भी कर रहे हैं और उनके समर्थन में दलीलें भी दे रहे हैं।

सीमा आनंद हाल ही में पत्रकार शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में नजर आईं। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि एक बार वह उस वक्त दंग रह गईं, जब एक 15 साल के लड़के ने उन्हें अप्रोच किया और कहा कि वे उसे बहुत अट्रैक्टिव लगती हैं। सीमा का यह बयान देखते ही देखते वायरल हो गया और लोग उन्हें सर्च करने लगे कि आखिर यह महिला है कौन जो उम्र के इस पड़ाव पर भी इतनी चर्चा में है।

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कौन हैं सीमा आनंद

लंदन में रहने वाली सीमा आनंद की पहचान बहुआयामी है। वे खुद को स्टोरीटेलर, माइथोलॉजिस्ट और सेक्स एजुकेटर कहती हैं।

मशहूर किताब: उन्होंने ‘The Arts of Seduction’ नाम की किताब लिखी है, जिसमें उन्होंने कामसूत्र और प्राचीन भारतीय ज्ञान को आधुनिक नजरिए से पेश किया है।

विचारधारा: सीमा का मानना है कि भारत में जिस सेक्स को अश्लील माना जाता है, वह असल में जीवन का एक पवित्र और जरूरी हिस्सा है। वह कामसूत्र और तांत्रिक दर्शन को चेतना और ऊर्जा के रूप में देखती हैं।

कामुक देवी: उनके बेबाक अंदाज और कामवासना को आत्म-प्रेम बताने के कारण सोशल मीडिया पर लोग उन्हें कामुक देवी के नाम से भी बुलाते हैं।

सोशल मीडिया पर बंटी राय

सीमा आनंद को लेकर इंटरनेट पर दो गुट बन गए हैं।

पक्ष: चुप्पी तोड़ना जरूरी है मंदीप कौर जैसी कई महिलाओं ने फेसबुक पर उनका समर्थन करते हुए लिखा, सीमा इसलिए विवादित नहीं हैं कि वह सेक्स पर बात करती हैं, बल्कि इसलिए हैं क्योंकि वह बिना किसी शर्म के बात करती हैं। समाज को शिक्षा के बजाय चुप्पी और अपराधबोध सिखाया गया है। उनके विचार हमारे डर को आइना दिखाते हैं।

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विपक्ष: व्यूज का खेल वहीं, कुछ यूजर्स का मानना है कि यह सब केवल सोशल मीडिया पर नंबर्स और फॉलोअर्स बढ़ाने का एक तरीका है। एक यूजर ने लिखा, आजकल नफरत, डर और अजीब बयान सिर्फ इसलिए दिए जाते हैं ताकि ज्यादा व्यूज मिल सकें। लोग नंबर्स को ही असली पावर समझने लगे हैं।

क्या कहती हैं सीमा आनंद

सीमा का तर्क है कि भारतीय संस्कृति ने कभी सेक्स को अशुद्ध नहीं माना। यह तो औपनिवेशिक (Colonial) सोच और सामाजिक दबाव है जिसने इस विषय को कमरों के भीतर कैद कर दिया और इसे लेकर एक डर पैदा कर दिया। वह कहती हैं कि अज्ञानता संस्कृति को खराब करती है, बातचीत नहीं।

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