अखिलेश को है अगड़ों से चिढ़, धनंजय सिंह बोले- मुख्यमंत्री रहते किया था क्षत्रियों के खिलाफ काम
Newschuski Digital Desk: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर तीखा टकराव देखने को मिल रहा है। पूर्व बाहुबली नेता और पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर कड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि अखिलेश यादव को पूरी क्षत्रिय बिरादरी से समस्या है। एक पॉडकास्ट में बोलते हुए धनंजय सिंह ने सपा नेता पर जातीय भावनाएं भड़काने और समुदाय विशेष को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
राजा भैया के अपमान का मुद्दा उठाया
धनंजय सिंह ने अपने हमले की शुरुआत अखिलेश यादव द्वारा वरिष्ठ क्षत्रिय नेता और पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया के कथित अपमान से की। उन्होंने कहा, जिसके साथ आप कैबिनेट में पांच साल रहे, उसे आप कौन राजा? कैसे कह सकते हैं? यह अपमान सिर्फ़ राजा भैया का नहीं, बल्कि पूरी क्षत्रिय बिरादरी का था। उन्होंने राजा भैया की तारीफ़ करते हुए कहा कि वह अपनी मेहनत से राजनीति में आए, जबकि अखिलेश राजनीतिक विरासत में मिली सीट से सदन पहुंचे।

मुख्यमंत्री रहते क्षत्रियों के खिलाफ किया था काम
धनंजय सिंह ने आगे कहा कि अखिलेश यादव ने जब मुख्यमंत्री का पद संभाला, तब भी उन्होंने क्षत्रिय समुदाय के खिलाफ काम किया। उन्होंने अखिलेश के एक पुराने बयान (कुंडा में कुंडी लगा देंगे) का जिक्र करते हुए कहा, इस तरह की भाषा नहीं बोलनी चाहिए। जब आपको मौका मिलेगा, तो फिर क्षत्रियों के खिलाफ ही काम करेंगे। क्षत्रियों को तय करना चाहिए कि उन्हें इनके साथ रहना है या नहीं। 2022 के चुनाव में क्षत्रियों ने जवाब दिया था।
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सपा के पीडीएफ़ (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर सवाल उठाते हुए धनंजय सिंह ने कहा, अखिलेश को अगड़ों से चिढ़ है। इसीलिए उनके साथ कोई जुड़ना नहीं चाहता। आम जनमानस आपके साथ नहीं जुड़ना चाहता क्योंकि आपकी बोली-भाषा ऐसी हो गई है। उन्होंने कहा कि देश 21वीं सदी में आगे बढ़ रहा है और ऐसी बातें समाज को पीछे ले जाती हैं।
मुलायम सिंह यादव की तारीफ
दिलचस्प बात यह है कि अखिलेश पर प्रहार करने के बाद धनंजय सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की जमकर तारीफ़ की। उन्होंने एक पुराना किस्सा सुनाते हुए बताया कि कैसे मुलायम सिंह ने उन्हें चुनाव लड़ने से मना किया था, लेकिन बाद में हार मानकर शालीनता से बात की। उन्होंने कहा, मुलायम सिंह यादव काफी बड़े नेता थे, उनकी सोशल इंजीनियरिंग अच्छी थी और वह हर पार्टी के लोगों से व्यक्तिगत रिश्ते रखते थे।
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