UPI पेमेंट अब तुरंत नहीं होगा, RBI लाने जा रहा है नया नियम
नई दिल्ली: अगर आप गूगल पे, फोन पे या भीम जैसे यूपीआई (UPI) ऐप्स से अक्सर बड़े ट्रांजेक्शन करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) एक नया प्रस्ताव लाया है, जिसके तहत 10,000 रुपये या उससे अधिक के ऑनलाइन ट्रांसफर पर अब ‘एक घंटे’ का वेटिंग पीरियड लगेगा। यानी पैसा भेजने के तुरंत बाद रिसीवर के खाते में नहीं पहुंचेगा, बल्कि इसमें एक घंटे का समय लगेगा।
क्यों पड़ रही है इस नियम की जरूरत
देश में ऑनलाइन फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। साल 2026 में ऑनलाइन ठगी का आंकड़ा 22,000 करोड़ रुपये के पार जाने का अनुमान है।
सोशल इंजीनियरिंग पर लगाम: अक्सर ठग फोन पर डरा-धमका कर या लालच देकर लोगों से जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं।
सोचने का समय: कूलिंग ऑफ पीरियड (एक घंटे का समय) मिलने से पीड़ित व्यक्ति को सोचने और समझने का मौका मिलेगा। अगर उसे फ्रॉड का एहसास होता है, तो वह ट्रांजेक्शन कैंसिल कर सकेगा।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम
होल्ड पर रहेगा पैसा: 10,000 रुपये से ज्यादा भेजने पर पैसा आपके अकाउंट से तो कट जाएगा, लेकिन सामने वाले को एक घंटे बाद मिलेगा।
चेक करने की सुविधा: इस एक घंटे के दौरान आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि पैसा सही व्यक्ति को जा रहा है या नहीं।
98.5% फ्रॉड वैल्यूक पर असर: आंकड़े बताते हैं कि भले ही 10 हजार से ऊपर के फ्रॉड केस संख्या में कम हों, लेकिन ठगी गई कुल रकम का 98.5% हिस्सा इसी बड़े अमाउंट वाले ट्रांजेक्शन का होता है।
किन्हें मिलेगी राहत और किसे चाहिए परमिशन
आरबीआई ने इस नियम में कुछ लोगों और ट्रांजेक्शन को छूट भी दी है।
व्हाइटलिस्ट (Whitelist): आप अपने भरोसेमंद संपर्कों (जैसे परिवार या मित्र) को इस लिस्ट में डाल सकते हैं, उन्हें पैसे भेजने पर कोई देरी नहीं होगी।
मर्चेंट पेमेंट: दुकानों पर पेमेंट करने, ई-मैंडेट, चेक और बिल पेमेंट पर यह नियम लागू नहीं होगा।
बुजुर्गों के लिए खास नियम: 70 साल से ऊपर के बुजुर्ग अगर 50,000 से ज्यादा भेजते हैं, तो किसी विश्वसनीय व्यक्ति (Nominee) की मंजूरी जरूरी होगी।
किल स्विच (Kill Switch): आरबीआई एक ऐसा बटन लाने का भी प्लान कर रहा है जिससे आप एक क्लिक में अपने सभी डिजिटल पेमेंट चैनल बंद कर सकेंगे।
इसे भी पढ़ें: यमुना में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी, 10 श्रद्धालुओं की मौत
कब से लागू होगा नियम
आरबीआई ने इस प्रस्ताव पर 8 मई, 2026 तक जनता और विशेषज्ञों से सुझाव मांगे हैं। इसके बाद फाइनल गाइडलाइंस जारी की जाएंगी। इसका मकसद सिर्फ इतना है कि जल्दबाजी और बिना सोचे-समझे किए जाने वाले बड़े पेमेंट्स को रोककर आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखा जा सके।
इसे भी पढ़ें: गंगा किनारे शराब पीने से टोका, तो चिल्लाई महिला- हमारी वजह से चलती है तुम्हारी रोजी-रोटी
