मोदी मैजिक के बीच उभरे ये 5 बड़े नाम, किसी ने अनुभव से पलटी बाजी, तो कोई पार्षद से सीधे बना मुख्यमंत्री

Indian Politics 2025 Review

Indian Politics 2025 Review: जहां 2025 में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू बिहार से दिल्ली तक चलता दिखा, वहीं इस साल की राजनीति सिर्फ एक नाम तक सीमित नहीं रही। सत्ता के समीकरण बदले, कुछ नए चेहरे सामने आए और कुछ फैसले ऐसे हुए जिन्होंने सियासी चर्चाओं को नई दिशा दे दी। इस पूरे साल ने पांच ऐसे नेताओं को केंद्र में ला खड़ा किया, जिन्होंने 2025 की कहानी को नई परिभाषा दी।

1. नितिन नबीन: ‘कॉमन कार्यकर्ता’ से ‘न्यू फेस’ का सफर

बीजेपी का यह दावा कि यहां एक साधारण कार्यकर्ता भी शीर्ष पर पहुंच सकता है, नितिन नबीन के साथ सच होता दिखा। अचानक बड़ी राष्ट्रीय जिम्मेदारी मिलते ही उनका उभार एक सरप्राइज पैकेज की तरह था। धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव जैसे दिग्गजों के बीच उनकी मौजूदगी मोदी-शाह की उस लंबी रणनीति का हिस्सा लगी, जो भविष्य के नेताओं को आज ही तैयार कर रही है।

2. नीतीश कुमार: बाजीगरी ने दिखाया रंग

बिहार में 2025 का चुनाव नीतीश कुमार के लिए कई मुश्किलों से भरा था। सेहत से लेकर बयानबाजी तक, वे हर तरफ निशाने पर थे। मगर जब नतीजे आए, तो उन्होंने फिर से सबको गलत साबित कर दिया। एनडीए को 202 सीटें दिलवाकर उन्होंने साबित किया कि बिहार की राजनीति में अनुभव और धैर्य का कोई विकल्प नहीं है।

3. सीपी राधाकृष्णन: एक नाम ने बदला सारा गणित

उपराष्ट्रपति पद के लिए सीपी राधाकृष्णन के नाम ने विपक्षी समीकरणों को हिलाकर रख दिया। जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद विपक्ष के आक्रमण को रोकने और तमिलनाडु की राजनीति में रणनीतिक पैठ बनाने के लिए यह चुनाव एक शानदार चाल साबित हुआ। यह फैसला सिर्फ दिल्ली नहीं, बल्कि चेन्नई की सियासत को भी प्रभावित करने वाला था।

इसे भी पढ़ें: अभिनेता अर्जुन रामपाल ने गैब्रिएला डेमेट्रियड्स से सगाई का किया खुलासा

4. जगदीप धनखड़: इस्तीफे ने बढ़ाई गुत्थियां

21 जुलाई की वह शाम काफी चर्चा में रही, जब राज्यसभा की कुर्सी संभालने वाले जगदीप धनखड़ ने रातोंरात इस्तीफा दे दिया। आधिकारिक कारण ‘स्वास्थ्य’ बताया गया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस पर शायद ही कोई यकीन कर पाया। उनके इस रहस्यमय फैसले ने 2025 में सबसे बड़े सियासी सस्पेंस को जन्म दिया।

5. रेखा गुप्ता: सीधे पार्षद से सीएम तक का सफर

दिल्ली की राजनीति में रेखा गुप्ता का उदय एक फिल्मी प्लॉट जैसा रहा। नगर निगम की पार्षद से सीधे राजधानी की मुख्यमंत्री बन जाना बीजेपी की उस सोच को दिखाता है, जो नए और अनजान चेहरों पर भी भरोसा करती है। मोहन यादव और भजनलाल शर्मा की तरह वह भी 2025 के सरप्राइज पैकेज का एक बड़ा उदाहरण बनकर उभरीं।

इसे भी पढ़ें: जहाँ तपस्या और आस्था का मिलता है अनूठा संगम

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NEWS CHUSKI के Facebook पेज को LikeTwitterInstagram पर Follow करना न भूलें...