सावन की बूंदें
बरसे सावन झूम-झूम के, पुरुआ के संग कजरी गाये। प्रेयसी के अंतर्मन में, प्रेम मिलन...
बरसे सावन झूम-झूम के, पुरुआ के संग कजरी गाये। प्रेयसी के अंतर्मन में, प्रेम मिलन...
पता नही क्यूं! आजकल, तुम्हारी याद आ रही है। ना चहते हुए भी, तेरी याद,...
रिमझिम रिमझिम बरस रही, बारिश की बूँदे प्यारी। हरे भरे हैं वृक्ष सभी, मुस्कातीं बगिया...
लखनऊ: भारतीय समाज-शास्त्र एक ओर सैद्धान्तिक तौर पर नारी को आदर और सम्मान का पात्र...
नहीं पता कब हो जायेगी, इस जीवन की शाम। मानवता के पथ पर चलकर, आओ...
जब तक चलेंगी ज़िन्दगी की सांसें कहीं प्यार कहीं, टकराव मिलेगा। कहीं बनेंगे संबंध अंतर्मन...
सबके आंगन में आयेगा, खुशियों का फिर डेरा। इस दुनिया से मिट जायेगा, दुख का...
वाह! रे मदिरा तेरी तो, है महीमा अपरम्पार! तुम्हीं चलाते अर्थव्यवस्था, तुमसे है सरकार!! श्रम,...
हर दर्द को जो दिल में छुपाता चला गया। हर मुसकिलों में चुटकियाँ, बजाता चला...
चांद से जा मोहब्बत करी चांदनी। रात काली अमावस अकेले रही।। याद में उसके मैं...