Prerak Prasang: सुख और दुख
Prerak Prasang: मेरे आत्मन! यह जो दुनिया है, यह दो पर टिकी है। दो पर न टिकी होती तो इसका नाम दुनिया नहीं, इकनिया होता। सही बात है। यहाँ जो…
Prerak Prasang: मेरे आत्मन! यह जो दुनिया है, यह दो पर टिकी है। दो पर न टिकी होती तो इसका नाम दुनिया नहीं, इकनिया होता। सही बात है। यहाँ जो…
एक गाँव में एक ब्राह्मण सपरिवार रहता था। उसका भानजा उसके साथ रहता था। भानजा एकदम मूर्ख था। कोई काम-धाम नहीं करता। घर में रहकर मामा-मामी की रोटियाँ तोड़ता रहता…
हारे हुए लोग कहाँ जायेंगे हारे हुए लोगों के लिए कौन दुनिया बसाएगा, उन पराजित योद्धाओं के लिए, तमाम शिकस्त खाए लोगों के लिए। प्रेम में टूटे हुए लोग, सारी…
Kahani: रात का समय था। चारों ओर पूरा अंधेरा छाया हुआ था। केवल एक ही कमरा प्रकाशित था। वहाँ चार मोमबत्तियाँ जल रही थी। चारों मोमबत्तियाँ एकांत देख आपस में…
kahani: एक बार एक गांव में बहुत से महात्मा आकर रूद्राभिषेक कर रहे थे और वट वृक्षों के पत्तों पर चंदन से श्रीराम का नाम लिखकर शिवजी को चढ़ा रहे…
Bhopal: राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित प्रख्यात साहित्यकार डॉ. नीरजा माधव (वाराणसी) को मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग की ओर से वर्ष 2023 के लिए राष्ट्रीय मैथिली शरण गुप्त सम्मान प्रदान किया…
Pauranik Katha: समुद्र मंथन के दौरान लक्ष्मीजी से पहले उनकी बड़ी बहन ज्येष्ठा जिनका नाम दरिद्रा भी है, वह प्रकट हुई थीं। ज्येष्ठा विष्णु भगवान से विवाह करना चाहती थीं…
Kahani: किसी नगर में एक वैद्य रहते थे। उनका व्यवहार बेहद कुशल और विनम्र था, इसीलिए वे उस पूरे इलाके में बहुत इज्जत भी पाता था। वे अपने चिकित्सा आश्रम…
Pauranik Katha: भगवान को अगर किसी युग में आसानी से प्राप्त किया जा सकता है तो वह युग है कलियुग। इस कथन को सत्य करता एक दोहा रामचरितमानस में तुलसीदास…
Prerak Prasang: एक बार भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन भ्रमण के लिए कहीं निकले थे। उन्होंने मार्ग में एक निर्धन ब्राह्मण को भिक्षा मांगते देखा तो अर्जुन को उस पर दया…