इंजेक्शन और साजिश के सवालों के बीच, साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की जांच के लिए एसआईटी गठित
Newschuski Digital Desk: जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत का मामला और गंभीर हो गया है। जांच को गति देने और सभी पहलुओं की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। नौ सदस्यीय इस टीम की कमान एसीपी छवि शर्मा को सौंपी गई है।
इंजेक्शन पर केंद्रित है जांच का फोकस
मामले की सबसे बड़ी पहेली वह इंजेक्शन है, जो प्रेम बाईसा की मौत से कुछ ही क्षण पहले लगाया गया था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह इंजेक्शन डॉक्टरी सलाह पर था, इसमें कौन सी दवा थी, और क्या इसका उनकी मौत से कोई संबंध है। जिस कंपाउंडर देवी सिंह ने यह इंजेक्शन लगाया था, उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है।
क्या है साजिश का आरोप
पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस स्टेज पर बड़ी साजिश की संभावना को पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता। जांच दल मौत से पहले के कुछ घंटों की हर गतिविधि पर नज़र रख रही है। आश्रम के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल्स और अन्य डिजिटल सबूतों को बारीकी से जांचा जा रहा है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
मौत के सही कारण और समय का पता लगाने के लिए पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही है। इसके अलावा, एसआईटी जल्द ही साध्वी के पिता और उनके आश्रम साधना कुटीर से जुड़े लोगों से भी पूछताछ कर सकती है।
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कौन थीं प्रेम बाईसा
प्रेम बाईसा का बचपन आसान नहीं था। मूल रूप से बाड़मेर के पारेऊ गांव की रहने वाली प्रेम ने महज दो साल की उम्र में ही अपनी मां खो दी थी। संत राजाराम और कृपाराम महाराज के मार्गदर्शन में उन्होंने भागवत कथा और भक्ति संगीत में महारत हासिल की और पूरे राजस्थान में एक प्रसिद्ध साध्वी के रूप में पहचान बनाई। उनके आश्रम साधना कुटीर का उद्घाटन योग गुरु बाबा रामदेव जैसी हस्तियों ने किया था।
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