भाड़े के पहलवान से नहीं जीता जाता अखाड़ा, अखिलेश के सौ विधायक वाले बयान पर संजय निषाद का पलटवार
Bhadohi News: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी का पारा चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के उस बयान पर सियासी बवाल मच गया है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर डिप्टी सीएम को सौ विधायक लाने पर सीएम बनाने का ऑफर दिया था। अब प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने इस मामले में करारा हमला बोला है।
अपने दम पर लड़ना पड़ता है राजनीति का अखाड़ा
भदोही में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में संजय निषाद ने बिना नाम लिए सपा नेतृत्व पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “राजनीति अखाड़े की तरह होती है, जहां अपने दम पर लड़ना पड़ता है।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव खुद अखाड़े के पहलवान तैयार करते थे, संगठन को खड़ा करते थे और जमीन पर संघर्ष करते थे।
उन्होंने कहा, आज हालात यह हैं कि ‘भाड़े के पहलवान’ के सहारे अखाड़ा जीतने की सोच रखी जा रही है। भाड़े के पहलवान से कभी जीत हासिल नहीं की जा सकती।
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पिछड़ों के नाम पर राजनीति करती रही सपा
कैबिनेट मंत्री ने सपा की पिछड़ा राजनीति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा हमेशा पिछड़ों के नाम पर राजनीति करती रही, लेकिन उनके वास्तविक हितों की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा, निषाद समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने की बात कही गई, लेकिन उसे ओबीसी में ही रखा गया। अगर सच में पिछड़ों की राजनीति करनी है तो उनके अधिकारों और हिस्सेदारी की लड़ाई ईमानदारी से लड़नी होगी।
ऑफर देकर सत्ता नहीं मिलती
संजय निषाद ने साफ किया कि केवल बयान देकर या ऑफर देकर सत्ता हासिल नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, जनता अब सब समझती है। सरकार बनाने के लिए जनाधार, संगठन और स्पष्ट नीयत की जरूरत होती है।
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