संगीत सोम ने दी A की नई परिभाषा: अतीक-अखिलेश-आतंकवाद, सपा पर साधा निशाना
Meerut News: भाजपा के फायरब्रांड नेता और पूर्व विधायक ठाकुर संगीत सोम ने सोमवार को एक बार फिर अपने आक्रामक अंदाज में राजनीतिक हलचल मचा दी। सरधना विधानसभा क्षेत्र के भगवानपुर गांव में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की नवनिर्मित प्रतिमा का अनावरण करते हुए उन्होंने विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला और वर्णमाला के अक्षर ‘ए’ की एक नई विवादित परिभाषा दी।
A का अर्थ- आतंकवाद, अतीक अहमद, अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे पर पलटवार करते हुए संगीत सोम ने कहा कि अब पीडीए खत्म हो चुका है। उन्होंने ए अक्षर की व्याख्या करते हुए कहा, ए का अर्थ है – आतंकवाद, अतीक अहमद और अखिलेश यादव। भाजपा सरकार ने पहले दो का इलाज कर दिया है। उनका इशारा पूर्व माफिया अतीक अहमद और आतंकवादियों की ओर था, जिन पर पहले ही कार्रवाई हो चुकी है।
धुरंधर बनने की सलाह
हालिया चर्चित फिल्म धुरंधर का जिक्र करते हुए पूर्व विधायक ने युवाओं से आह्वान किया कि वे धुरंधर बनें ताकि आतंकवाद और गुंडागर्दी करने वालों को उनके घर में घुसकर सबक सिखाया जा सके। उन्होंने कहा कि अगर कोई बाबा साहेब की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाता है तो उसे माफ नहीं किया जाएगा।
यह अहसान नहीं, अधिकारों का कर्ज चुकाना है
बता दें कि कुछ दिनों पूर्व अराजक तत्वों ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया था। संगीत सोम ने घोषणा की थी कि वह 30 मार्च तक यहां दोबारा प्रतिमा स्थापित कराएंगे। अनावरण के दौरान उन्होंने कहा, यह किसी पर अहसान नहीं है, बल्कि बाबा साहेब द्वारा दिए गए अधिकारों का कर्ज चुकाने का एक छोटा सा प्रयास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य समाज को जोड़ना है, न कि जातियों में लड़ाना।
अखिलेश को दलितों के हक में बोलने का कोई अधिकार नहीं
संगीत सोम ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें दलितों के हक में बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि उनके कार्यकाल में महापुरुषों के नाम पर रखे गए जिलों के नाम बदलकर दलित समाज का अपमान किया गया था। उन्होंने कहा, जो लोग बाबा साहेब के नाम पर वोट लेते हैं, उनके कार्यकाल में दलितों को क्या मिला, यह इतिहास गवाह है।
कार्यक्रम में डॉ. रवि प्रकाश ने कहा कि बाबा साहेब पूरे देश के मसीहा हैं। उन्होंने संगीत सोम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आगामी चुनावों में दलित समाज इस सम्मान का कर्ज ब्याज सहित चुकाएगा। इस अवसर पर महंत ज्ञानदास, साध्वी रेणुका, ब्लॉक प्रमुख शर्मिष्ठा, ऋषिपाल भंडारी और कपिल जाटव समेत बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
महापुरुष किसी बिरादरी के नहीं, सबके लिए पूजनीय
इससे पहले संगीत सोम सकौती पहुंचे, जहां उन्होंने महाराजा सूरजमल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। रविवार को अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के नेतृत्व में यहां प्रतिमा और म्यूजियम का भव्य अनावरण हुआ था, जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और राजस्थान के सांसद हनुमान बेनीवाल समेत 15 हजार से अधिक लोग जुटे थे।
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संगीत सोम ने इस मौके पर कहा कि महापुरुष किसी एक जाति के नहीं होते। उन्होंने कहा, महाराजा सूरजमल जैसे योद्धाओं का सम्मान करना हम सबके लिए सौभाग्य की बात है। महापुरुषों को जातियों और बिरादरियों के दायरे में नहीं बांधा जा सकता, वे संपूर्ण समाज के लिए मार्गदर्शक होते हैं। उन्होंने युवाओं को स्वाभिमानी और निडर बनने की सलाह दी। इस दौरान नगर पंचायत दौराला चेयरमैन देवेंद्र पाल सिंह, डायरेक्टर हरेंद्र चौधरी, चेयरमैन वीरेंद्र अहलावत, शशि अहलावत, सोनू अझौता, मोनू सरसवा, शिवेंद्र कुमार, दीपक चौधरी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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