Saharanpur News: प्रेम विवाह के बाद मासूम की मां बनी युवती की मौत, गांव और घरवालों ने छोड़ा साथ, पति ने अकेले खोदी कब्र
Saharanpur News: पति-पत्नी का रिश्ता सात जन्मों का साथ देने का होता है, लेकिन जब यही रिश्ता परिवार की मर्जी के खिलाफ कोर्ट मैरिज के जरिए बनता है तो मौत के बाद भी इंसान को सुकून नहीं मिलता। कुछ ऐसा ही दर्दनाक मामला सहारनपुर के धौलाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां प्रेम विवाह करने वाली एक युवती की मौत के बाद उसके शव को दफनाने को लेकर खूब खींचतान हुई। न कोई अपना था, न कोई सगा। आखिरकार पति ने अकेले ही कब्र खोदी और अपनी बीवी को सुपुर्द-ए-खाक किया।
चार साल पहले भागकर की थी कोर्ट मैरिज
मामला थाना धौलाना क्षेत्र के गांव नंदपुर का है। यहां रहने वाला शाहनवाज नाम का युवक गांव की ही मुस्कान को अपने साथ लेकर करीब चार साल पहले घर से चला गया था। दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली और अपने रिश्ते को कानूनी मंजिल दे दी। लेकिन इस शादी से उनके परिवार वाले खुश नहीं थे।
शाहनवाज के पिता सलीम ने बेटे को घर से बेदखल कर दिया। इसके बाद शाहनवाज और मुस्कान मसूरी के गांव नाहल में किराए के मकान में रहने लगे। इस दौरान मुस्कान ने बच्चों को जन्म दिया और परिवार बसाने लगी।
बीमारी के बाद तोड़ा दम
कुछ समय पहले मुस्कान की तबीयत अचानक खराब हो गई। वह गंभीर रूप से बीमार पड़ गई और उसका इलाज वहीं के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। रविवार को इलाज के दौरान मुस्कान ने दम तोड़ दिया। मरते समय उसने इच्छा जताई थी कि उसे गांव में ही दफनाया जाए।
गांव वालों और परिवार ने ठुकराया
शाहनवाज ने पहले गांव नाहल में ही मुस्कान को दफनाने की कोशिश की, लेकिन वहां के ग्रामीणों ने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद वह अपनी पत्नी का शव लेकर अपने पैतृक गांव नंदपुर पहुंचा। यहां भी उसे निराशा हाथ लगी। उसके पिता सलीम और मुस्कान के पिता इकबाल ने भी शव दफनाने से मना कर दिया।
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पति ने अकेले खोदी कब्र
कोई साथ न देख शाहनवाज ने हार नहीं मानी। वह अपनी पत्नी का शव लेकर अपने चाचा रियाज के घर पहुंचा। वहां शव रखने के बाद वह अकेले ही कब्रिस्तान गया और कब्र खोदने लगा। उसने अकेले ही अपनी पत्नी की अंतिम यात्रा पूरी करने का बीड़ा उठाया।
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद दफनाया गया शव
शाहनवाज के कब्र खोदने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष अवनीश शर्मा ने शाहनवाज और गांव के प्रधान से बात की। काफी समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीणों की सहमति से मुस्कान के शव को दफनाया गया। थानाध्यक्ष अवनीश शर्मा ने बताया कि गांव में पूरी तरह से शांति है और सभी की सहमति से शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। किसी ने कोई शिकायत नहीं की है।
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