प्रेम के झांसे में रेप और धोखा, फिर बारात में पहुंची महिला सिपाही से धक्का-मुक्की
SantKabir Nagar News: प्यार और विश्वास के नाम पर तीन साल तक शोषण, और जब धोखा हुआ तो बारात में जाकर शादी रोकने की कोशिश… यह कहानी है उत्तर प्रदेश पुलिस की दो सिपाहियों की। एक महिला सिपाही ने आरोप लगाया है कि उसी के थाने पर तैनात एक कांस्टेबल ने शादी का झांसा देकर उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया और फिर चुपके से किसी और से शादी रचा ली।
बारात में पहुंच गईं महिला सिपाही
यह घटना लगभग एक महीने पहले गाजीपुर की है। जब महिला सिपाही को पता चला कि उसका प्रेमी और सहकर्मी कांस्टेबल आशु यादव किसी दूसरी लड़की से शादी कर रहा है, तो वह डायल-112 की गाड़ी लेकर सीधे बारात में पहुंच गई। उसने लोगों को आरोपी कांस्टेबल के साथ अपनी तस्वीरें दिखाईं और शादी रोकने की कोशिश की।
लेकिन बारातियों ने उसकी एक न सुनी। उल्टे उसके साथ धक्का-मुक्की की और उसका मोबाइल गिरा दिया। महिला सिपाही का आरोप है कि लोगों ने उसकी आंखों के सामने ही जल्दी-जल्दी सात फेरे पूरे करवा दिए और दूल्हा-दुल्हन को वहां से भगा दिया।
तीन साल से चल रहा था रिश्ता
महिला सिपाही ने शनिवार को कोतवाली खलीलाबाद में केस दर्ज कराया है। उसका कहना है कि दोनों की 2022 में संतकबीरनगर के बखिरा थाने पर तैनाती के दौरान मुलाकात हुई। आरोपी कांस्टेबल ने शादी का प्रस्ताव रखा और यह कहकर भरोसा दिलाया कि जाति कोई मुद्दा नहीं है (महिला अनुसूचित जाति से है)।
इसके बाद दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। महिला का आरोप है कि उसने प्राइवेट तरीके से शादी भी की, जिसकी तस्वीरें उसके पास हैं। तीन साल तक आरोपी कांस्टेबल उसे शादी का भरोसा दिलाता रहा और शारीरिक संबंध बनाता रहा।
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पिता को भी दी थी जानकारी
महिला ने आरोपी के पिता को भी चार महीने पहले फोन कर सब कुछ बता दिया था। इसके बाद आरोपी ने उससे बात करनी कम कर दी और बहाना बनाया कि घर में किसी की मृत्यु हो गई है। पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल आशु यादव के खिलाफ बलात्कार और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। कोतवाल पंकज कुमार पांडेय ने इसकी पुष्टि की है। यह मामला पुलिस विभाग के भीतर ही एक बड़े विश्वासघात और शोषण की कहानी बयां कर रहा है।
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