Poem: नया वर्ष हो मंगल दायक
नया वर्ष हो मंगल दायक,
विघ्न दूर सब करें विनायक।
जन-जन में हो खुशियां व्याप्त,
मिले स्नेह सब का पर्याप्त।
रहे सभी प्राणी खुशहाल,
रहे ना कोई भी बेहाल।
रहे देश में अमन और शांति,
किसी तरह की रहे ना भ्रांति।
बना रहे नित भाईचारा,
चारो तरफ रहे उजियारा।
नया वर्ष लाए समरसता,
हर प्राणी नित मिले विहँसता।
सबका सपना हो साकार,
करें एक दूजे से प्यार।
आपस में ना रहे दुराव,
रहे मोहब्बत औ सद्भाव।
नया वर्ष यह मंगलमय हो,
मानवता की जय हो, जय हो।।
डॉ. वीके वर्मा
आयुष चिकित्साधिकारी
जिला चिकित्सालय बस्ती
इसे भी पढ़ें: कैसा नया वर्ष
इसे भी पढ़ें: जब जाना तय है तो जाओ
