पीएम मोदी ने जेवर एयरपोर्ट का किया उद्घाटन, अब स्मार्ट सफर के साथ-साथ तरक्की की रफ्तार भी होगी दोगुनी
ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश अब सिर्फ एक्सप्रेसवे और मेट्रो का ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय हवाई सफ़र का भी बेताज बादशाह बन गया है। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (फेज-1) का उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित किया। करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से बना यह विशाल प्रोजेक्ट न केवल दिल्ली-एनसीआर की भीड़ कम करेगा, बल्कि यूपी की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंक देगा।
क्यों खास है यह एयरपोर्ट
यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित यह एयरपोर्ट भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसे ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल की कंपनी (YIAPL) द्वारा केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से विकसित किया गया है।
हर मौसम में उड़ान: इस एयरपोर्ट को ‘ऑल वेदर ऑपरेशन’ का लाइसेंस मिल चुका है। यहाँ की आधुनिक लाइटिंग और एयर ट्रैफिक सिस्टम इतने उन्नत हैं कि घने कोहरे या खराब मौसम में भी विमान बिना किसी परेशानी के लैंड कर सकेंगे।
मुझे याद है यहां की सपा सरकार थी और मैंने नोएडा आने का कार्यक्रम बनाया, तो मुख्यमंत्री इतने डरे हुए थे कि वे उस कार्यक्रम में नहीं आए और मुझे भी डराने की लोगों ने कोशिश की कि नोएडा मत जाओ मोदी जी, अभी-अभी प्रधानमंत्री बने हो।
मैंने कहा इस धरती का आशीर्वाद लेने जा रहा हूं, जो… pic.twitter.com/k4KZxwVF75
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 28, 2026
विशाल रनवे: पहले चरण में 3,900 मीटर लंबा रनवे तैयार किया गया है। यहाँ दुनिया के सबसे बड़े हवाई जहाज (Wide-body aircraft) आसानी से उतर सकेंगे।
लाखों यात्रियों का स्वागत: शुरुआत में यहाँ हर साल 1.2 करोड़ यात्री सफर कर सकेंगे, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 7 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य है।
#LIVE: नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (प्रथम चरण) के उद्घाटन समारोह में सम्मिलित होते मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी https://t.co/4HZfYpJ1Rt
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) March 28, 2026
देश का पहला ऑल-इन-वन हब
जेवर एयरपोर्ट सिर्फ उड़ानों तक सीमित नहीं है, यह अपनी तरह का पहला मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब होगा।
रखरखाव की सुविधा: यह देश का पहला एयरपोर्ट होगा जहाँ विमानों की मरम्मत और ओवरहॉल (MRO) के लिए इन-हाउस सुविधा होगी।
व्यापार को बढ़ावा: सालाना 2.5 लाख मीट्रिक टन माल संभालने की क्षमता के साथ यह कार्गो हब के रूप में भी उभरेगा।
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बेहतर कनेक्टिविटी: यहाँ सड़क, रेल, मेट्रो और रैपिड-रेल का ऐसा तालमेल होगा कि यात्री बिना किसी झंझट के अपनी मंजिल तक पहुँच सकेंगे।
यूपी के नाम दर्ज हुए कई रिकॉर्ड
इस एयरपोर्ट के साथ ही उत्तर प्रदेश ने देश में अपनी एक अलग साख बना ली है। आज यूपी सर्वाधिक मेट्रो, सबसे पहली रैपिड-रेल, पहले इनलैंड वाटर-वे और अब सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय व घरेलू एयरपोर्ट्स वाला राज्य बन चुका है।
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