PM मोदी ने सोमनाथ में किया ओंकार मंत्र का जाप, जानें मंत्र का महत्व

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Newschuski Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के कार्यक्रम में शामिल होकर भव्य ओंकार मंत्र के जाप में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने भावुक होते हुए कहा, यह अनुभव अद्भुत है और मैं खुद धन्य महसूस कर रहा हूं। उन्होंने सोमनाथ मंदिर को सभ्यतागत साहस का एक गौरवपूर्ण प्रतीक बताया।

हिंदू धर्म में ओंकार (ॐ) का महत्व

जैसा कि पीएम मोदी ने इस मंत्र की महिमा का अनुभव किया, आइए समझते हैं कि आखिर ॐ मंत्र को इतना पवित्र और शक्तिशाली क्यों माना जाता है।

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ब्रह्मांड की मूल ध्वनि: हिंदू धर्म में ओंकार को सबसे पवित्र माना गया है। इसे सिर्फ एक अक्षर नहीं, बल्कि ब्रह्मांड की मूल ध्वनि और परम ब्रह्म का प्रतीक माना जाता है। वेद, उपनिषद और गीता में इसकी महिमा बताई गई है। तीन ध्वनियों का मेल: ‘ॐ’ तीन ध्वनियों से मिलकर बना है।

अ (A): सृष्टि का प्रतीक, जो ब्रह्मा से जुड़ा है।

उ (U): पालन का प्रतीक, जो विष्णु से जुड़ा है।

म (M): संहार का प्रतीक, जो महेश (शिव) से जुड़ा है।

इसके बाद जो मौन आता है, वह तुरीय अवस्था यानी आत्मा-परमात्मा के मिलन का प्रतीक है।

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ओंकार जाप के लाभ

कैसे करें: शांत जगह पर सुखासन में बैठकर, आंखें बंद करके गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए लंबी ध्वनि में “ॐ” का उच्चारण करें। शुरुआत में 11 या 21 बार जाप कर सकते हैं।

आध्यात्मिक लाभ: मन शांत होता है, ध्यान गहरा होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

वैज्ञानिक लाभ: तनाव कम करने, रक्तचाप संतुलित रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार माना जाता है।

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