ईरान-इजरायल में खुली जंग, तेहरान में 30 ठिकानों पर मिसाइल हमले, खामनेई के घर को भारी नुकसान
Newschuski Digital Desk: मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव अब युद्ध के मुहाने पर पहुंच गया है। इजरायल ने ईरान पर फरवरी के आखिरी दिन बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले किए, जिसमें करीब 30 अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया। तेहरान में अफरा-तफरी का माहौल है और ईरान ने भी जवाबी हमले किए हैं।
तेहरान में डर और दहशत का माहौल है। इजरायली मिसाइलों ने ईरान की राजधानी तेहरान के कई इलाकों को हिलाकर रख दिया। यूनिवर्सिटी स्ट्रीट और जुम्हूरी इलाके में कई मिसाइलें गिरीं, जिससे घनी आबादी वाले इलाकों में दहशत फैल गई। अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान के डाउनटाउन इलाके में धमाकों और धुएं के गुबार ने लोगों को सहमा दिया है।
सबसे बड़ी खबर यह है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामनेई के आवास को भी भारी नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के समय खामनेई तेहरान में मौजूद नहीं थे और उन्हें सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। ईरान के राष्ट्रपति के आवास और एक इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर को भी निशाना बनाए जाने की खबर है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इजरायल का दावा, प्री-एम्प्टिव अटैक
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इन हमलों को ‘प्री-एम्प्टिव अटैक’ बताया है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई संभावित खतरों को पहले ही निष्क्रिय करने के लिए की गई, जो इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी था। हमले के बाद तेहरान में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
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ईरान का जवाबी हमला
ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल के 70 ठिकानों पर एक साथ हमला किया है। इसके बाद इजरायल में आपातकाल लागू कर दिया गया है। स्कूल, कॉलेज और दफ्तर बंद कर दिए गए हैं और देश का एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि यह संघर्ष कहां तक जाता है। क्या यह सीमित हमले रहेंगे या फिर पूरे मिडिल ईस्ट को अपनी चपेट में ले लेंगे? वैश्विक राजनीति और कूटनीतिक संबंधों पर इसका गहरा असर पड़ना तय है।
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