बॉक्स ऑफिस पर मेलानिया ट्रंप का जादू, खराब रिव्यू के बावजूद डॉक्यूमेंट्री ने की बंपर कमाई

melania trump documentary

लॉस एंजिल्स/न्यूयॉर्क: मेलानिया ट्रंप के जीवन और उनके सफर को दिखाने वाली डॉक्यूमेंट्री ‘मेलानिया’ ने उत्तरी अमेरिका के बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार ओपनिंग की है। विवादित निर्देशक ब्रेट रैटनर द्वारा निर्देशित यह फिल्म राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे शपथ ग्रहण से ठीक 20 दिन पहले की कहानी बयां करती है।

कमाई में बनाया रिकॉर्ड

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप समर्थकों के भारी उत्साह के चलते फिल्म ने ओपनिंग वीकेंड पर करीब 7 मिलियन अमेरिकी डॉलर की शानदार कमाई की। एक डॉक्यूमेंट्री के लिए यह आंकड़ा बहुत बड़ा माना जा रहा है। खुद मेलानिया ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा कि ‘मेलानिया’ ने साल 2025 के ऑस्कर के लिए नामांकित पांच बड़ी फिल्मों से भी अधिक कमाई कर ली है। इसे दर्शकों द्वारा ‘ए’ (A) सिनेमास्कोर रेटिंग मिली है।

क्रिटिक्स ने दिया झटका, रेटिंग्स बेहद कम

भले ही दर्शक इसे पसंद कर रहे हों, लेकिन फिल्म समीक्षकों ने इसे बुरी तरह नकार दिया है। रॉटेन टोमाटोज पर फिल्म को महज 10% और ‘मेटाक्रिटिक’ पर सिर्फ 6% रेटिंग मिली है। इसका मतलब है कि 100 मंl से केवल 10 क्रिटिक्स ने ही इस डॉक्यूमेंट्री को देखने लायक माना। फिल्म को लेकर विशेषज्ञों और आम जनता की राय में जमीन-आसमान का अंतर साफ दिख रहा है।

सबसे महंगी डॉक्यूमेंट्री

मेलानिया को हॉलीवुड की अब तक की सबसे महंगी डॉक्यूमेंट्री बताया जा रहा है। अमेज़न एमजीएम स्टूडियोज ने इसके डिस्ट्रीब्यूशन और मार्केटिंग पर लगभग 75 मिलियन डॉलर (करीब 625 करोड़ रुपये) खर्च किए हैं। दिलचस्प बात यह है कि इसके निर्देशक ब्रेट रैटनर करीब 12 साल बाद वापसी कर रहे हैं। रैटनर पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे थे, जिन्हें उन्होंने नकारा था। हालांकि उन पर कोई आपराधिक मामला नहीं चला, लेकिन इस विवाद की वजह से वे लंबे समय तक इंडस्ट्री से दूर रहे।

इसे भी पढ़ें: Epstein Files का धमाका, दस्तावेजों ने खोले रसूखदारों के राज

राजनीतिक झुकाव का दिखा असर

फिल्म की सफलता में अमेरिका का राजनीतिक बंटवारा साफ झलक रहा है। जहां रूढ़िवादी (कंजर्वेटिव) इलाकों में सिनेमाघर खचाखच भरे रहे, वहीं उदारवादी (लिबरल) शहरों में लोगों ने इसमें कम दिलचस्पी दिखाई। आंकड़ों के अनुसार, फिल्म देखने वालों में 75% दर्शक उत्तरी अमेरिकी थे, जबकि 11% दर्शक हिस्पैनिक समुदाय से थे।

अमेज़न का मानना है कि उसने इस प्रोजेक्ट पर दांव इसलिए लगाया क्योंकि उसे उम्मीद थी कि जनता मेलानिया की कहानी में दिलचस्पी दिखाएगी, और शुरुआती आंकड़े इस बात की पुष्टि भी कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: ब्रिटेन में मेलानिया ट्रंप की डॉक्यूमेंट्री का बुरा हाल

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NEWS CHUSKI के Facebook पेज को LikeTwitterInstagram पर Follow करना न भूलें...