विधानसभा में मैथिली ठाकुर की हुंकार, धृतराष्ट्र और दुर्योधन से की लालू परिवार की तुलना
पटना: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को एक ऐतिहासिक बहस देखने को मिली। अलीनगर से बीजेपी की सबसे कम उम्र की विधायक मैथिली ठाकुर ने शिक्षा बजट पर चर्चा के दौरान अपने पहले ही भाषण से सुर्खियां बटोर लीं। उन्होंने बिहार के सियासी सफर को समझाने के लिए महाभारत के पात्रों का सहारा लिया और लालू प्रसाद यादव व तेजस्वी यादव पर तीखा प्रहार किया।
मैथिली ठाकुर ने अपने संबोधन में साल 2005 से पहले के बिहार (जंगलराज) की तुलना महाभारत काल के हस्तिनापुर से कर दी। लालू परिवार पर सीधा तंज कसते हुए उन्होंने कहा, हस्तिनापुर में धृतराष्ट्र जैसे अनुभवी राजा थे, लेकिन वे अंधे थे और सच देखना भी नहीं चाहते थे। उन्हें हस्तिनापुर की चिंता नहीं थी, बल्कि सिर्फ अपने पुत्र दुर्योधन की चिंता थी। मैथिली ने इशारों-इशारों में लालू यादव को धृतराष्ट्र और तेजस्वी यादव को दुर्योधन बताकर विपक्ष को पूरी तरह असहज कर दिया।
नीतीश कुमार की सुशासन वाली पारी की तारीफ
एक तरफ जहाँ उन्होंने पुराने दौर की आलोचना की, वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासनकाल की तुलना ‘धर्मराज युधिष्ठिर’ के काल से की। उन्होंने कहा कि 2005 के बाद बिहार में ‘सुशासन’ का जो सवेरा हुआ, उसने प्रजा को सुखी किया और राज्य में धर्म (कानून) की स्थापना की।
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शिक्षा और बेटियों के भविष्य पर बात
मैथिली ठाकुर ने अपने भाषण में शिक्षा क्षेत्र में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले बेटियां स्कूल जाने से डरती थीं और शिक्षकों को वेतन के लिए दर-दर भटकना पड़ता था। उन्होंने नीतीश कुमार की साइकिल योजना की तारीफ करते हुए इसे एक गेम-चेंजर बताया, जिसने लाखों लड़कियों को घर की दहलीज से निकालकर शिक्षा के प्रकाश की ओर मोड़ा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ भाषण
मैथिली का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से शेयर किया जा रहा है। लोग उनकी वाकपटुता और तर्कों की सराहना कर रहे हैं। हालांकि, विपक्षी दल आरजेडी (RJD) ने उनके इस बयान पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है और इसे वरिष्ठ नेताओं का अपमान बताया है।
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