Lucknow News: सील सहारा शहर में करोड़ों की चोरी का खुलासा, STF ने पकड़े 6 शातिर चोर
Lucknow News: नगर निगम द्वारा सील किए गए सहारा शहर परिसर से करोड़ों रुपये का महंगा सामान चोरी होने के मामले में एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। एसटीएफ ने सोमवार देर रात छह शातिर चोरों को गिरफ्तार कर उनके पास से भारी मात्रा में लग्जरी घड़ियां, सोना-चांदी के जेवर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और दो देसी पिस्टल बरामद की हैं।
कैसे हुआ खुलासा
एसटीएफ के एएसपी अमित कुमार नागर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित हरदोई, बहराइच और लखनऊ के रहने वाले हैं। सूचना मिली थी कि सहारा शहर में चोरी करने वाला गिरोह सामान लेकर भागने की फिराक में है। इस पर टीम ने सुरक्षा अधिकारी को साथ लेकर सहारा पुल के नीचे घेराबंदी की और सभी आरोपितों को दबोच लिया।
बरामदगी में क्या-क्या मिला
आरोपितों के पास से .32 बोर की दो सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल, पांच कारतूस, गिरार्ड-पेरेगाक्स, राडो, पाको रैबेन, टेक्नोमारिन, टाइटन समेत कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांड की महंगी घड़ियां, सोने-चांदी के जेवरात, दो कैमरे, दो एलसीडी टीवी, 878 कैसिनो काइन, पांच मोबाइल फोन, एक महिंद्रा एक्सयूवी-500 और एक पिकअप वाहन बरामद किया गया।
इसके अलावा करीब एक किलो चांदी की पीकदान, 500 ग्राम चांदी की सात सिंदूरदानियां, सोने की चेन, टॉप्स और बालियां भी बरामद हुई हैं।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे कबाड़ खरीदने के बहाने पहले इलाके की रेकी करते थे। इसके बाद सुनसान या सील परिसरों को निशाना बनाकर अंदर घुसते और दरवाजे व ताले तोड़कर कीमती सामान चोरी कर लेते थे। चोरी का माल बाजार में बेचकर आपस में बांट लिया जाता था। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे अब तक करोड़ों रुपये का सामान चोरी कर बेच चुके हैं और करीब दस क्विंटल तांबा-पीतल भी खपा चुके हैं।
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नगर निगम की लापरवाही पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर निगम द्वारा सील किए गए इतने बड़े परिसर में बदमाश बार-बार कैसे घुसते रहे? आरोपितों ने खुद कबूला कि वे कई बार सहारा शहर में प्रवेश कर चुके हैं। इससे साफ है कि सीलिंग के बाद न तो पर्याप्त सुरक्षा गार्ड तैनात थे और न ही निगरानी की प्रभावी व्यवस्था की गई थी।
एसटीएफ की तहरीर पर गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपितों को जेल भेज दिया गया है। अब देखना होगा कि इस मामले में नगर निगम की लापरवाही पर क्या कार्रवाई होती है।
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