यूजीसी के नये नियम के खिलाफ लखनऊ में सवर्ण समाज का जोरदार प्रदर्शन
Lucknow News: यूजीसी के नए नियम को लेकर सियासत और सड़कों पर उबाल जारी है। शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में सवर्ण समाज के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। परिवर्तन चौक पर इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के नए नियम को भेदभावपूर्ण बताते हुए उसे तुरंत वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही आरएएफ के जवानों को तैनात किया गया था। सवर्ण मोर्चा के बैनर तले हुए इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
दरअसल, यूजीसी ने हाल ही में उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव से जुड़े नए नियम बनाए थे, जिसमें एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के खिलाफ भेदभाव की ही सिर्फ परिभाषा तय की गई थी। सवर्ण समाज का आरोप है कि इन नियमों में सामान्य वर्ग के साथ होने वाले भेदभाव की कोई व्यवस्था नहीं है, जो कि एक तरफा और भेदभावपूर्ण है।
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई है रोक
इस नियम के खिलाफ देशभर में विरोध हुआ और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। शीर्ष अदालत ने इस नियम पर रोक लगाते हुए कहा था कि प्रथम दृष्टया यह नियम अस्पष्ट है और इसके बहुत व्यापक परिणाम हो सकते हैं। इसका प्रभाव खतरनाक रूप से समाज को विभाजित करने वाला भी हो सकता है।
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शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम, 2012 को बहाल कर दिया है और केंद्र व यूजीसी से 19 मार्च तक जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नए नियमों में जाति-आधारित भेदभाव को केवल एससी, एसटी और ओबीसी तक सीमित कर दिया गया, जो कि संविधान के समानता के अधिकार का उल्लंघन है। अब अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी, जब तक के लिए कोर्ट ने पुराने नियम ही लागू रखने के आदेश दिए हैं।
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