द्वितीय विश्व युद्ध के ऐतिहासिक समझौतों से लेकर सौरमंडल के रहस्यों तक, जानें महत्वपूर्ण तथ्य

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Newschuski Digital Desk: इतिहास के पन्नों में दर्ज महत्वपूर्ण घटनाओं और ब्रह्मांड के अनसुलझे रहस्यों को उजागर करते हुए, हाल ही में जारी की गई एक विस्तृत रिपोर्ट में द्वितीय विश्व युद्ध और सौरमंडल से जुड़े कई रोचक तथ्यों को सामने लाया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, 23 अगस्त 1939 को नाजी जर्मनी और सोवियत संघ के बीच हुए जर्मन-सोवियत नॉन-अग्रेशन पैक्ट ने युद्ध की दिशा तय की थी। वहीं, खगोलीय विज्ञान के क्षेत्र में, हैली धूमकेतु के 76 वर्ष के आवर्तकाल और पृथ्वी से इसकी नग्न आँखों से दृश्यता जैसे तथ्यों को भी स्पष्ट किया गया है। यह रिपोर्ट न केवल इतिहास के छात्रों बल्कि विज्ञान प्रेमियों के लिए भी ज्ञानवर्धक साबित होगी।

1. जर्मनी ने सोवियत संघ के साथ नॉन अग्रसेन पैक्ट पर हस्ताक्षर कब किया

– जर्मन-सोवियत संधि नाजी जर्मनी और सोवियत संघ द्वारा 23 अगस्त, 1939 को हस्ताक्षरित एक समझौता था।

2. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, इटली का कमांडर जनरल कौन था

– द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इटली के कमांडर जनरल फ़ासीवादी तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी थे। मुसोलिनी ने नेशनल फ़ासिस्ट पार्टी (पीएनएफ़) की स्थापना की और उसका नेतृत्व किया। उन्होंने हिटलर के साथ मिलकर काम किया और अपने गठबंधन का इस्तेमाल करके क्षेत्र हासिल करने और अपनी शक्ति का विस्तार करने का प्रयास किया।

3. द्वितीय विश्व युद्ध में सबसे कौन सा महत्वपूर्ण युद्ध था

– द्वितीय विश्व युद्ध में कई महत्वपूर्ण युद्ध हुए थे। इसमें स्टेलिनग्राद की लड़ाई को महत्वपूर्ण माना जाता है। यह लड़ाई 23 अगस्त, 1942 से 2 फ़रवरी, 1943 तक चली थी। इस लड़ाई में जर्मन सेना ने सोवियत संघ के स्टेलिनग्राद शहर पर कब्ज़ा करने की कोशिश की थी। इस लड़ाई में जर्मन सेना को हार मिली और 2 फ़रवरी, 1943 को जर्मन छठी सेना ने सोवियत के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

4. सौरमंडल में कुल कितने ग्रह हैं

– हमारे सौरमंडल में आठ ग्रह- बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून हैं। इनमें से चार ग्रह सौरमंडल के आंतरिक भाग में और बाकी चार बाहरी भाग में हैं।

5. किस आकाशीय पिंड को पृथ्वी पुत्र कहा जाता है

– मंगल ग्रह को पृथ्वी पुत्र कहा जाता है। कथाओं के मुताबिक, पृथ्वी ने मंगल को स्तनपान कराया था। मंगल को भूमि का पुत्र भी कहा जाता है। चंद्रमा को पृथ्वी का उपग्रह कहा जाता है। चंद्रमा, पृथ्वी के चारों ओर घूमता है। चंद्रमा की मौजूदगी से पृथ्वी पर दिन-रात होते हैं। चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही समुद्र में ज्वार-भाटा आता है।

6. हैली घूमकेतू का आवर्त काल कितना होता है

– हैली धूमकेतु का आवर्त काल करीब 76 वर्ष है। हैली धूमकेतु को आखिरी बार वर्ष 1986 में देखा गया था और यह 2061 में फिर से दिखाई देगा। इसे पृथ्वी से नंगी आंखों से देखा जा सकता है। हैली धूमकेतु को 1P/हैली के नाम से भी जाना जाता है। हैली धूमकेतु का नाम अंग्रेज़ खगोलशास्त्री एडमंड हैली के नाम पर रखा गया है। एडमंड हैली ने 1531, 1607, और 1682 में पृथ्वी के पास आने वाले धूमकेतु की रिपोर्टों की जांच की थी।

7. किसके कारण ज्वार भाटा आता है

– पृथ्वी के घूमने व सूर्य और चंद्रमा जैसे आकाशीय पिंडों के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण समुद्र में ज्वार-भाटा आता है। पृथ्वी के घूमने से वह क्षेत्र चंद्रमा के प्रभाव से दूर चला जाता है, जिससे ज्वार-भाटा आता है। चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण खिंचाव ज्वारीय बल पैदा करता है। इस बल की वजह से पृथ्वी और उसका पानी चंद्रमा के सबसे नज़दीक और सबसे दूर के हिस्से पर उभर आता है। इन उभारों को उच्च ज्वार कहा जाता है। चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी एक सीध में होने पर उच्च ज्वार आता है।

8. सूर्य के सबसे निकट स्थित ग्रह कौन-सा है

– सूर्य के सबसे नजदीक का ग्रह बुध है। बुध ग्रह, सूर्य से 46 से 69 मिलियन किलोमीटर की दूरी पर है। बुध, सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह है। बुध पर कोई चंद्रमा नहीं है और न ही कोई वलय है। बुध का अक्ष केवल 2 डिग्री झुका हुआ है। बुध का वर्ष 88 दिनों का होता है।

9. उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे बड़ा दिन कब होता है

– उत्तरी गोलार्ध में सबसे बड़ा दिन आम तौर पर 21 जून को होता है। इसे ग्रीष्म संक्रांति कहा जाता है। इस दिन सूर्य की ओर पृथ्वी का झुकाव सबसे ज़्यादा होता है। इस दिन, दिन लंबा और रात छोटी होती है।

10. रात-दिन किस तिथि को बराबर होते हैं

– साल में दो बार 21 मार्च और 23 सितंबर को दिन और रात बराबर होते हैं। इन दिनों सूर्य की किरणें भूमध्य रेखा पर सीधी पड़ती हैं। इस स्थिति में कोई भी ध्रुव सूर्य की ओर झुका नहीं होता। इसलिए दिन और रात की अवधि बराबर होती है।

11. सूर्य के चारों ओर घूमने वाले पिंड को क्या कहते हैं

– सूर्य के चारों ओर घूमने वाले पिंडों को ग्रह, क्षुद्रग्रह, धूमकेतु, उल्कापिंड, और उपग्रह जैसे नामों से जाना जाता है।

ग्रह: ये बड़े गोलाकार पिंड होते हैं जो सूर्य के चारों ओर निश्चित कक्षाओं में घूमते हैं। हमारे सौरमंडल में आठ ग्रह हैं।

क्षुद्रग्रह: ये छोटे-छोटे पिंड होते हैं जो मंगल और बृहस्पति की कक्षाओं के बीच पाए जाते हैं। ये ग्रहों की तरह गोल नहीं होते और इनका आकार खुरदरा और अनियमित होता है।

धूमकेतु: ये चमकीले सिर और लंबी पूंछ वाले खगोलीय पिंड होते हैं जो अत्यधिक अण्डाकार कक्षाओं में सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं।

उपग्रह: ये पिंड ग्रहों के चारों ओर घूमते हैं और ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण उनकी परिक्रमा करते हैं। पृथ्वी के अलावा, बृहस्पति और शनि जैसे अन्य ग्रहों के भी दर्जनों चंद्रमा हैं। सूर्य और उसके चारों ओर घूमने वाले सभी खगोलीय पिंडों को सौरमंडल कहते हैं।

12. चंद्र ग्रहण कब लगता है

– चंद्र ग्रहण तब लगता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं। इस स्थिति में पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है और चंद्रमा छिप जाता है या उसका हिस्सा अंधकारमय हो जाता है। चंद्र ग्रहण को चंद्रमा का ग्रहण भी कहा जाता है। चंद्र ग्रहण आमतौर पर पूर्णिमा की रात को होता है। एक साल में औसतन तीन चंद्र ग्रहण होते हैं। चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखा जा सकता है।

13. सूर्य ग्रहण कब लगता है

– सूर्य ग्रहण तब लगता है, जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में आ जाते हैं। इस स्थिति में चंद्रमा सूर्य को ढक लेता है और पृथ्वी पर छाया पड़ती है। सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या को लगता है। सूर्य ग्रहण के तीन प्रकार होते हैं- पूर्ण सूर्य ग्रहण: जब चंद्रमा पूरी तरह से सूर्य को ढक लेता है। आंशिक सूर्य ग्रहण: जब चंद्रमा सूर्य के कुछ हिस्से को ही ढक पाता है। वलयाकार सूर्य ग्रहण: जब चंद्रमा पूरी तरह से सूर्य को ढक नहीं पाता और सूर्य के चारों ओर एक चमकदार वलय दिखाई देता है।

14. पृथ्वी को नीला ग्रह क्यों कहा जाता है

– पृथ्वी को नीला ग्रह कहा जाता है क्योंकि इसकी सतह का लगभग 71% हिस्सा पानी से ढका हुआ है। अंतरिक्ष से देखने पर पृथ्वी नीले रंग की दिखाई देती है। पृथ्वी पर पानी होने के कारण ही इसे नीला ग्रह कहा जाता है। पृथ्वी पर मौजूद पानी, वर्षा, झीलें, तालाब, नदियां और समुद्र जैसे स्रोतों से आता है। पृथ्वी पर मौजूद पानी, ग्रह की संरचना, जलवायु और पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित करता है।

15. जीवाश्म ग्रह किस उपग्रह को कहा जाता है

– चंद्रमा को जीवाश्म ग्रह कहा जाता है। चंद्रमा पर वायुमंडल नहीं है, इसलिए वहां न हवा है, न पानी है और न ही मौसम। किसी भी मज़बूत वातावरण की अनुपस्थिति के कारण चंद्रमा को जीवाश्म ग्रह माना जाता है।

16. सूर्य से ग्रह की दूरी को क्या कहते हैं

– किसी ग्रह या अन्य खगोलीय पिंड की सूर्य से अधिकतम दूरी को अपसौर कहते हैं। किसी ग्रह या अन्य खगोलीय पिंड की सूर्य से न्यूनतम दूरी को उपसौर कहते हैं। पृथ्वी सूर्य से सबसे दूर होने की स्थिति को सूर्योच्च (अपसौरिका) कहते हैं। पृथ्वी सूर्य के चारों ओर अंडाकार के आकार में परिक्रमा करती है, इसलिए पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी साल भर में लगभग 3% बदलती रहती है। पृथ्वी हर साल 4 जनवरी के आस-पास सूर्य के सबसे नज़दीक आती है, जिसे पेरिहेलियन कहते हैं।

17. सूर्य के धरातल का तापमान लगभग कितना होता है

– सूर्य की सतह का तापमान करीब 5,500 डिग्री सेल्सियस (10,000 डिग्री फ़ारेनहाइट) होता है। वहीं, सूर्य के केंद्र का तापमान करीब 1.5 करोड़ डिग्री सेल्सियस (27 मिलियन डिग्री फ़ारेनहाइट) होता है। सूर्य के केंद्र को कोर कहते हैं।

18. मध्य रात्रि का सूर्य किस क्षेत्र में दिखाई देता है

– मध्य रात्रि का सूर्य आर्कटिक और अंटार्कटिक सर्कल में दिखाई देता है। यह एक प्राकृतिक घटना है जो गर्मियों के महीनों में होती है। पृथ्वी की धुरी का झुकाव, इसकी कक्षा के समतल के सापेक्ष, हर साल कम से कम एक 24 घंटे का दिन और एक रात का समय पैदा करता है। इसी वजह से आर्कटिक और अंटार्कटिक में गर्मियों में समय के सामान्य चक्र की परीक्षा होती है।

19. सूर्य के रासायनिक संगठन में हाइड्रोजन कितना प्रतिशत होता है

– सूर्य के रासायनिक संगठन में हाइड्रोजन का प्रतिशत करीब 75% होता है। सूर्य में हाइड्रोजन और हीलियम सबसे ज़्यादा मात्रा में पाए जाते हैं। सूर्य के द्रव्यमान का 75% हिस्सा हाइड्रोजन और 24% हिस्सा हीलियम है। सूर्य की सतह पर हाइड्रोजन की मात्रा 74% और हीलियम की मात्रा 24% है। सूर्य में कार्बन, नाइट्रोजन और ऑक्सीजन 1.5% मात्रा में पाए जाते हैं।

20. पृथ्वी की बहन किस ग्रह को कहा जाता है

– शुक्र ग्रह को पृथ्वी की बहन कहा जाता है। शुक्र और पृथ्वी के आकार, घनत्व, और संरचना में काफ़ी समानता है। दोनों ग्रह चट्टानी और धातुओं से बने हैं और इन दोनों के पास वायुमंडल है। शुक्र और पृथ्वी सौरमंडल के एक ही आंतरिक भाग में बने हैं। शुक्र, पृथ्वी के सबसे करीब स्थित ग्रह है। यह पृथ्वी से केवल 26 मिलियन किलोमीटर दूर है।

21. किस ग्रह पर जीव रहते हैं

– जितने भी ग्रहों को हम जानते हैं, उनमें से सिर्फ़ पृथ्वी पर ही जीवन है। हालांकि, वैज्ञानिकों को लगता है कि हमारे सौरमंडल के कुछ और ग्रहों और चंद्रमाओं पर भी जीवन की सम्भावना हो सकती है। मंगल ग्रह, बृहस्पति का चंद्रमा यूरोपा, शनि का चंद्रमा एन्सेलाडस पर भी जीव होने की सम्भावना जतायी जा रही है।

22. पृथ्वी का उपग्रह कौन है

– पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह चंद्रमा है। चंद्रमा, सौरमंडल का पांचवां सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह है। चंद्रमा का आकार क्रिकेट बॉल जैसा गोल है। चंद्रमा, सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित होता है। पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी 3,84,403 किलोमीटर है। चंद्रमा पर गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी से छह गुना कम है। चंद्रमा, पृथ्वी की परिक्रमा 27.3 दिनों में पूरी करता है। चंद्रमा पर एक पूरा चक्कर भी 27.3 दिनों में लगता है।

23. कौन-से ग्रह सूर्य के चारों ओर दक्षिणावर्त घूमते हैं

– शुक्र, सूर्य के चारों ओर दक्षिणावर्त घूमने वाला एकमात्र ग्रह है। शुक्र, सूर्य से दूसरा ग्रह है और यह बहुत गर्म है। शुक्र के वायुमंडल में ज़्यादातर कार्बन डाइऑक्साइड है, जो एक ग्रीनहाउस गैस है जो गर्मी को अवशोषित करती है। शुक्र को सुबह का तारा और शाम का तारा भी कहा जाता है।

24. निक्स ओलंपिया कोलंपस पर्वत किस ग्रह पर स्थित है

– निक्स ओलंपिया, मंगल ग्रह पर स्थित एक पर्वत है। यह मंगल ग्रह का सबसे ऊंचा पर्वत है और एवरेस्ट से तीन गुना ऊंचा है। मंगल ग्रह पर स्थित ओलंपस मॉन्स भी एक बड़ा ज्वालामुखी पहाड़ है। यह सौरमण्डल का सबसे ऊंचा पर्वत और ज्वालामुखी है। इसकी ऊंचाई 16 मील (24 किलोमीटर) है।

25. सूर्य से सबसे दूर स्थित ग्रह कौन-सा है

– नेपच्यून सूर्य से सबसे दूर स्थित ग्रह है। नेपच्यून की कक्षा सूर्य से 4.5 बिलियन किलोमीटर दूर है। यह इतना दूर है कि इसे नंगी आंखों से देखना असंभव है। नेपच्यून को सूर्य का एक चक्कर लगाने में 164.81 साल लगते हैं। नेपच्यून अपने अक्ष पर 28.3 डिग्री झुका हुआ है।

26. सूर्य का चक्कर सबसे कम समय में कौन-सा ग्रह लगाता है

– बुध ग्रह सूर्य का चक्कर सबसे कम समय में लगाता है। बुध ग्रह, सूर्य के सबसे नज़दीक का ग्रह है। यह सूर्य से केवल 5 करोड़ किलोमीटर दूर है। बुध ग्रह, सूर्य का एक चक्कर 88 पृथ्वी दिनों में लगाता है। बुध ग्रह, सबसे छोटा ग्रह भी है और इसका कोई उपग्रह नहीं है।

27. सौरमण्डल का सबसे बड़ा ग्रह कौन-सा है

– बृहस्पति सूर्य से पाँचवाँ और हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है। यह मुख्य रूप से एक गैस पिण्ड है जिसका द्रव्यमान सूर्य के हजारवें भाग के बराबर तथा सौरमण्डल में मौजूद अन्य सात ग्रहों के कुल द्रव्यमान का ढाई गुना है। बृहस्पति को शनि, अरुण और वरुण के साथ एक गैसीय ग्रह के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

28. सौरमण्डल का जन्मदाता किसे कहा जाता है

– सौरमण्डल का जन्मदाता सूर्य को कहा जाता है। सूर्य हमारे सौरमण्डल का सबसे बड़ा पिण्ड है और उसका व्यास लगभग 13 लाख 90 हज़ार किलोमीटर है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सौरमण्डल का मुख्य सूर्य है। सूर्य सौरमण्डल का केंद्र है और अन्य सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से सौरमण्डल का मुख्य सूर्य और चंद्रमा दोनों हैं। सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है और चंद्रमा को ग्रहों की रानी माना जाता है।

29. चंद्रमा क्या है

– चंद्रमा, पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है। यह सौरमण्डल का पांचवां सबसे बड़ा उपग्रह है। चंद्रमा पर वातावरण, जलमण्डल या चुंबकीय क्षेत्र नहीं है। चंद्रमा पर गुरुत्वाकर्षण, पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण का लगभग एक-छठा है। चंद्रमा, पृथ्वी की परिक्रमा 27.3 दिनों में पूरी करता है। चंद्रमा पर पानी और सोने जैसे तत्व मौजूद हैं।

30. पृथ्वी से चन्द्रमा का कितना भाग देख सकते हैं

– पृथ्वी से चंद्रमा का करीब 59% भाग दिखाई देता है। चंद्रमा के बाकी 41% हिस्से को पृथ्वी से नहीं देखा जा सकता। ऐसा इसलिए है क्योंकि चंद्रमा अपनी धुरी पर उतने ही समय में घूमता है, जितने समय में वह पृथ्वी की परिक्रमा करता है। इस स्थिति को ज्वारीय लॉकिंग कहते हैं।

31. ब्रह्माण्ड में विस्फोटी तारा क्या कहलाता है

– ब्रह्माण्ड में विस्फोटी तारे को सुपरनोवा कहते हैं। यह ब्रह्माण्ड की सबसे खूबसूरत नज़ारों में से एक है। सुपरनोवा विस्फोट के दौरान तारे से उतनी ही ऊर्जा निकलती है जितनी ऊर्जा सूर्य अपने पूरे जीवनकाल में छोड़ता है।

32. सौरमण्डल की खोज किसने किया था

– पोलैंड के खगोलशास्त्री और गणितज्ञ निकोलस कोपरनिकस ने सौरमण्डल की खोज की थी। उन्होंने सूर्यकेन्द्रित मॉडल का सिद्धांत दिया था, जिसमें सूर्य को ब्रह्माण्ड का केंद्र माना गया था और अन्य ग्रह इसके चारों ओर घूमते थे। कोपरनिकस ने साल 1543 में अपनी किताब डी रिवोल्यूशनिबस ऑर्बियम कोएलेस्टियम (आकाशीय क्षेत्रों के परिक्रमण पर) में इस सिद्धांत को प्रकाशित किया था।

33. सूर्य द्वारा ऊर्जा देते रहने का समय कितना वर्ष है

– सूर्य लगभग 7.5 बिलियन वर्षों तक ऊर्जा देता रहेगा। सूर्य में मौजूद हाइड्रोजन और हीलियम को जलाकर यह ऊर्जा पैदा करता है। सूर्य में मौजूद हाइड्रोजन को हीलियम में बदलने की प्रक्रिया को नाभिकीय संलयन कहते हैं। इस प्रक्रिया में बहुत ज़्यादा ऊर्जा निकलती है। सूर्य की उम्र करीब 4.6 बिलियन साल है। वैज्ञानिकों का मानना है कि सूर्य की कुल उम्र 9 से 10 अरब साल के बीच है। सूर्य में 70 प्रतिशत से ज़्यादा हाइड्रोजन गैस और 26 प्रतिशत हीलिय है। सूर्य का व्यास करीब 13 लाख 90 हज़ार किलोमीटर है।

34. किसी ग्रह के चारों ओर घूमने वाले पिंड को क्या कहते हैं

– किसी ग्रह के चारों ओर घूमने वाले पिंड को उपग्रह कहते हैं। उपग्रह, ग्रहों के चारों ओर घूमने वाले खगोलीय पिंड होते हैं। चंद्रमा, पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह है। ग्रहों द्वारा लगाए गए गुरुत्वाकर्षण बल के कारण उपग्रह ग्रहों की परिक्रमा करते हैं।

35. सूर्य का एक चक्कर लगाने में बुध ग्रह कितना समय लेता है

– बुध ग्रह को सूर्य का एक चक्कर लगाने में 88 पृथ्वी दिन लगते हैं। बुध ग्रह, सूर्य के सबसे नज़दीक का ग्रह है और सूर्य से इसकी दूरी सिर्फ़ 5 करोड़ किलोमीटर है। इसी वजह से यह सूर्य का चक्कर सबसे कम समय में लगाता है।

36. प्लूटो ग्रह की मान्यता कब समाप्त की गई

– अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) ने 13 सितंबर, 2006 को प्लूटो को ग्रहों की सूची से हटा कर इसे बौने ग्रह की श्रेणी में रखा था। प्लूटो को ग्रहों की श्रेणी से हटाने के पीछे कई वजहें थीं। इन वजहों में प्लूटो का आकार छोटा है, प्लूटो की संरचना बर्फीली है, प्लूटो की कक्षा असामान्य है, प्लूटो ग्रह के मानक के हिसाब से गोल नहीं है, प्लूटो वरुण ग्रह की कक्षा के अंदर चला गया था आदि प्रमुख हैं।

37. चंद्रमा पृथ्वी की एक परिक्रमा कितने समय में लगाता है

– चंद्रमा को पृथ्वी की एक परिक्रमा करने में 27.3 दिन लगते हैं। चंद्रमा पृथ्वी के चारों ओर लगभग 4,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से घूमता है।

38. ज्वार भाटा की स्थिति में सबसे अधिक प्रभाव किसका होता है

– ज्वार-भाटा की स्थिति में चंद्रमा का प्रभाव सबसे ज़्यादा होता है। चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी के घूमने के साथ-साथ पृथ्वी के अलग-अलग हिस्सों को अपनी ओर खींचता है। चंद्रमा का द्रव्यमान सूर्य से कम है, लेकिन यह पृथ्वी के बहुत करीब है।

39. कौन-सा ग्रह हरा प्रकाश उत्सर्जित करता है

– यूरेनस ग्रह हरा प्रकाश उत्सर्जित नहीं करता, लेकिन इसका रंग नीला-हरा होता है। सूर्य की रोशनी वायुमण्डल से होकर गुज़रती है और यूरेनस के बादलों के ऊपर से वापस परावर्तित हो जाती है। मीथेन गैस प्रकाश के लाल हिस्से को अवशोषित कर लेती है, जिससे नीला-हरा रंग बनता है। इसे ग्रीन प्लैनेट के नाम से भी जाना जाता है। विलियम हरशल ने 13 मार्च, 1781 को इसकी खोज की थी। इसे भी बिना दूरबीन के देखा जा सकता है।

40. सी ऑफ ट्रंक्विलिटी कहाँ स्थित है

– सी ऑफ़ ट्रांक्विलिटी, चंद्रमा के ट्रैंक्विलिटैटिस बेसिन में स्थित है। यह चंद्रमा के उत्तरी गोलार्द्ध में एक अंधेरा स्थान है। यह धूल के कणों से बना है और यहां पानी नहीं है।

41. सूर्य में कौन-कौन सी गैस विदयमान होती है

– सूर्य में हाइड्रोजन और हीलियम गैस सबसे ज़्यादा मात्रा में पाई जाती हैं। सूर्य में हाइड्रोजन की मात्रा करीब 70% और हीलियम की मात्रा करीब 28% है। सूर्य के द्रव्यमान का 98% से ज़्यादा हिस्सा हाइड्रोजन और हीलियम से ही बना है। सूर्य के केंद्र में हाइड्रोजन गैस मुख्य ईंधन के रूप में काम करती है।

42. सूर्य के मध्य भाग को क्या कहते हैं

– सूर्य के मध्य भाग को कोर कहते हैं। यह सूर्य का सबसे भीतरी भाग है। कोर, प्लाज़्मा से बना है। कोर का तापमान करीब 27 मिलियन डिग्री सेल्सियस होता है। कोर, सूर्य के सौर इंटीरियर का करीब 20% हिस्सा होता है। कोर में हाइड्रोजन परमाणु, हाइड्रोजन परमाणु संलयन प्रतिक्रिया के ज़रिए हीलियम में बदल जाता है। कोर में ही परमाणु संलयन की प्रक्रिया होती है, जिससे सूर्य ऊर्जा पैदा करता है।

43. यूरेनस की खोज किसने किया था

– यूरेनस की खोज 13 मार्च, 1781 को अंग्रेजी खगोलशास्त्री विलियम हर्शेल ने दूरबीन की सहायता से की थी। सर फ़्रॅडरिक विलियम हर्शेल जर्मनी में पैदा हुए ब्रिटिश खगोलशास्त्री और संगीतकार थे। 19 वर्ष की उम्र में वह जर्मनी छोड़कर ब्रिटेन में आ बसे। उन्होंने ही युरेनस ग्रह की खोज की थी। उन्होंने इसके अतिरिक्त युरेनस के दो उपग्रहों की और शनि के दो उपग्रहों की भी खोज की।

44. सौंदर्य का देव किस ग्रह को कहा जाता है

– शुक्र ग्रह को सौंदर्य का ग्रह कहा जाता है। शुक्र ग्रह का नाम प्रेम और सौंदर्य की रोमन देवी वीनस के नाम पर रखा गया है। शुक्र, सूर्य और चंद्रमा के बाद तीसरी सबसे चमकीली वस्तु है। यह एकमात्र ऐसा ग्रह है जिसका नाम किसी महिला देवता के नाम पर रखा गया है। ज्योतिष के मुताबिक, शुक्र ग्रह को सौंदर्य, एश्वर्य, और सुख-समृद्धि का कारक माना जाता है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र ग्रह कमज़ोर है, तो इसका असर उसके रंग-रूप में दिखाई देता है।

45. चंद्रमा के प्रकाश को पृथ्वी तक पहुँचने में कितना समय लगता है

– चंद्रमा से प्रकाश को पृथ्वी तक पहुंचने में लगभग 1.3 सेकंड का समय लगता है। चंद्रमा पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है। चंद्रमा पर सबसे ज़्यादा ऑक्सीजन (लगभग 42%) पाया जाता है। इसके अलावा, लोहा, सिलिकॉन, मैग्नीशियम, कैल्शियम और टाइटेनियम जैसे तत्व भी चंद्रमा की सतह पर पाये जाते हैं।

46. पृथ्वी अपने अक्ष पर एक चक्कर कितने दिनों में लगाती है

– पृथ्वी सूर्य के सापेक्ष 24 घण्टे में एक बार और तारों के संबंध में हर 23 घण्टे 56 मिनट और 4.09 सेकंड में अपने अक्ष पर घूमती है। पृथ्वी पश्चिम दिशा से पूर्व दिशा में घूमती है। पृथ्वी के अपने अक्ष के चारों ओर परिभ्रमण के कारण मौसम बदलते रहते है।

47. पृथ्वी अपने अक्ष पर किस दिशा में घूमती है

– पृथ्वी अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है। पृथ्वी अपनी धुरी पर वामावर्त दिशा में घूमती है। पृथ्वी हर 24 घंटे में एक चक्कर पूरा करती है। पृथ्वी की धुरी 23.5° के कोण पर झुकी हुई है। पृथ्वी की घूमने की गति स्थिर है, लेकिन अक्षांश के हिसाब से बदलती रहती है। भूमध्य रेखा पर पृथ्वी की गति लगभग 1670 किलोमीटर प्रति घंटा होती है। पृथ्वी के घूमने की वजह से दिन और रात होते हैं।

48. भू-कक्ष तल पर भू-अक्ष का झुकाव कितना होता है

– पृथ्वी के अक्ष का झुकाव यानी अक्षीय झुकाव अपने कक्षीय तल से 23.5 डिग्री है। इसे तिर्यकदृष्टि या तिरछापन भी कहा जाता है। पृथ्वी के अक्षीय झुकाव के कारण ही मौसम बदलते हैं और पृथ्वी रहने योग्य बनी है।

49. सौरमण्डल का सबसे बड़ा ज्वालामुखी कौन-सा है

– सौरमंडल का सबसे बड़ा ज्वालामुखी ओलंपस मॉन्स है। यह मंगल ग्रह पर स्थित है और यह कई खासियतों वाला है। यह लगभग 25 किलोमीटर लम्बा है। यह माउण्ट एवरेस्ट से 2.6 गुना लम्बा है। इसका व्यास 600 किलोमीटर से ज़्यादा है।

50. पृथ्वी द्वारा सूर्य की एक परिक्रमा को क्या कहते हैं

– पृथ्वी द्वारा सूर्य की एक परिक्रमा को सौर वर्ष कहते हैं। पृथ्वी को सूर्य की एक परिक्रमा करने में करीब 365.25 दिन का समय लगता है। हालांकि, यह एक आंकड़ा है और सटीक नहीं है, क्योंकि पृथ्वी की गति और सूर्य के चारों ओर की परिक्रमा में छोटे-मोटे बदलाव होते रहते हैं।

51. पृथ्वी की तरह किस ग्रह पर जीवन की संभावना है

– पृथ्वी के अलावा मंगल ग्रह पर जीवन की संभावना हो सकती है। मंगल ग्रह पर पानी की उपस्थिति और कुछ रासायनिक तत्वों की वजह से ऐसा माना जाता है। हालांकि मंगल की सतह पर आयनकारी विकिरण और सूक्ष्मजीवों के लिए ज़हरीले परक्लोरेट्स की वजह से आम तौर पर माना जाता है कि अगर मंगल पर जीवन है, तो यह सतह के नीचे या सबसे सुरक्षित जगह पर होगा।

52. बृहस्पति ग्रह की खोज किस वैज्ञानिक ने किया था

– बृहस्पति ग्रह की खोज इटली के खगोलशास्त्री और गणितज्ञ गैलीलियो गैलीली ने की थी। गैलीलियो ने 1610 में बृहस्पति ग्रह का अवलोकन किया था। उन्होंने अपनी नई दूरबीन से बृहस्पति के चार चंद्रमाओं की खोज की थी। इन चारों चंद्रमाओं के नाम आयो, यूरोपा, गेनीमीड और कैलिस्टो हैं।

53. रात की रानी कौन-सा खगोलीय पिण्ड को कहा जाता है

– चंद्रमा को रात की रानी खगोलीय पिण्ड के तौर पर जाना जाता है। रात के आकाश में चमकने वाले खगोलीय पिण्डों में चंद्रमा सबसे चमकीला होता है। चंद्रमा, पृथ्वी का सबसे नज़दीकी खगोलीय पिण्ड है। चंद्रमा के बड़े कोणीय व्यास की वजह से पृथ्वी से चंद्रमा की सतह का करीब 59% हिस्सा दिखाई देता है।

54. नंगी आँखों द्वारा किस ग्रह को देख सकते हैं

– शनि ग्रह को नंगी आँखों से देखा जा सकता है। यह सबसे दूर का ग्रह है जिसे नंगी आंखों से देखा जा सकता है। शनि बिना टिमटिमाता पीला तारा जैसा दिखता है। शनि के छल्लों की खोज गेलिलियो ने की थी।

55. ग्रहों की गति के नियम का पता किसने लगाया था

– ग्रहों की गति के नियमों की खोज जर्मनी के गणितज्ञ और खगोलशास्त्री योहानेस केप्लर ने की थी। केप्लर ने ग्रहों की गति के तीन नियम बनाए थे। सूर्य के चारों ओर प्रत्येक ग्रह की कक्षा एक दीर्घवृत्त है। किसी वस्तु की परिक्रमा अवधि के वर्ग का उसकी कक्षा के अर्ध-दीर्घ अक्ष के घन के साथ अनुपात, एक ही प्राथमिक कक्षा की परिक्रमा करने वाली सभी वस्तुओं के लिए समान होता है। ये नियम किन्हीं भी दो आकाशीय पिंडों की गति का वर्णन करते हैं जो एक-दूसरे का चक्कर काटते हैं।

56. अंतरिक्ष में कुल कितने तारामण्डल हैं

– अंतरिक्ष में कुल 88 तारामण्डल हैं। तारामण्डल, सितारों का समूह होता है जो एक खास पैटर्न बनाता है। आमतौर पर तारामण्डलों के नाम उनके आकार के आधार पर रखे जाते हैं। राशिचक्र के तारामण्डल, जैसे मेष और वृष बहुत प्रसिद्ध हैं। हाइड्रा, आधुनिक तारामण्डलों में सबसे बड़ा तारामण्डल है। इसका माप 1303 वर्ग डिग्री है।

57. मंगल और बृहस्पति ग्रहों के मध्य सूर्य की परिक्रमा करने वाले पिण्डों को क्या कहते हैं

– मंगल और बृहस्पति ग्रहों के बीच सूर्य की परिक्रमा करने वाले पिण्डों को क्षुद्रग्रह कहते हैं। क्षुद्रग्रह छोटे चट्टानी पिण्ड होते हैं। ये पिण्ड मंगल और बृहस्पति की कक्षाओं के बीच स्थित क्षुद्रग्रह बेल्ट में सूर्य की परिक्रमा करते हैं। क्षुद्रग्रह बेल्ट सौर मण्डल का एक क्षेत्र है। इस बेल्ट में लाखों क्षुद्रग्रह होते हैं। क्षुद्रग्रह बेल्ट, सूर्य से 32.9 करोड़ किलोमीटर से 47.8 करोड़ किलोमीटर तक फैली है।

58. पृथ्वी सूर्य से सबसे अधिक दूर कब होती है

– पृथ्वी आम तौर पर हर साल 4 जुलाई को सूर्य से सबसे ज़्यादा दूर होती है। इस स्थिति को अपहेलियन (अपसौर) कहते हैं। इस दिन पृथ्वी, सूर्य से करीब 15.2 करोड़ किलोमीटर (9.5 करोड़ मील) दूर होती है।

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59. पृथ्वी सूर्य के सबसे निकट कब होती है

– पृथ्वी, सूर्य के सबसे नज़दीक हर साल 3 जनवरी को होती है। इस दिन पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी करीब 147 मिलियन किलोमीटर होती है। इस स्थिति को उपसौर कहते हैं। दिसंबर संक्रांति के करीब दो हफ़्ते बाद, जब उत्तरी गोलार्द्ध में सर्दी होती है, तब पृथ्वी सूर्य के सबसे नज़दीक होती है।

60. पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय सूर्य का कौन-सा भाग दिखाई देता है

– पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान, सूर्य के वायुमंडल की दो सबसे बाहरी परतें कोरोना और क्रोमोस्फीयर दिखाई देती हैं।

कोरोना- सूर्य की सबसे ऊपरी सतह, जो सफ़ेद प्रकाश की धाराओं के रूप में दिखती है।

क्रोमोस्फीयर- सौर वायुमण्डल का एक क्षेत्र, जो चन्द्रमा के चारों ओर गुलाबी रंग के पतले घेरे के रूप में दिखता है।

पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान, सूर्य का पूरा मध्य भाग चन्द्रमा से ढक जाता है। इस दौरान, सूर्य से उठने वाली सौर ज्वाला (सोलर फ़्लेयर) भी दिखाई देती है। सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य को सुरक्षित रूप से देखने के लिए, उचित रूप से सुसज्जित दूरबीन या सौर देखने वाले चश्मे का इस्तेमाल करना चाहिए। सूर्य की सतह इतनी चमकीली होती है कि इसे देखने से रेटिना को नुकसान पहुंच सकता है।

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