चउरा बाबा मंदिर पर हनुमंत महायज्ञ की धूम, अंतरराष्ट्रीय कथा वाचिका गौरी गौरांगी का बिखरा जादू

kushinagar chitaha hanumant mahayagya

Kushinagar News: कुशीनगर जनपद के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के ग्राम चितहां में इन दिनों एक अलग ही उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा देखने को मिल रही है। गांव के प्राचीन चउरा बाबा मंदिर परिसर में 12 फरवरी से शुरू हुआ विशाल हनुमंत महायज्ञ श्रद्धा का महासंगम बन चुका है। यह धार्मिक अनुष्ठान 20 फरवरी तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर शीश नवा रहे हैं।

वैदिक मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक वातावरण

महायज्ञ की शुरुआत भव्य कलश यात्रा और विधि-विधान से पूजन के साथ हुई। यज्ञशाला में विद्वान आचार्यों द्वारा दी जा रही आहुतियों और जय श्री राम के उद्घोष से पूरा वातावरण गुंजायमान है। रात के समय रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजा मंदिर परिसर दूर से ही श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

गौरी गौरांगी के भजनों पर झूमे श्रद्धालु

इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचिका गौरी गौरांगी का कथा वाचन है। हर शाम कथा पंडाल में पैर रखने की जगह नहीं होती। माता सीता और वीर हनुमान के प्रसंगों को जब वे अपनी मधुर और ओजस्वी वाणी में सुनाती हैं, तो भक्त भावविभोर हो उठते हैं। रामकथा के बीच-बीच में होने वाले भजनों पर श्रद्धालु झूमने को मजबूर हो जाते हैं।

यज्ञ के साथ-साथ परिसर में एक विशाल मेले का भी आयोजन किया गया है। बच्चों के लिए गगनचुंबी झूले और बड़ों के लिए खान-पान व सजावटी सामान की दुकानें आकर्षण का केंद्र हैं।

अखंड भंडारा: आयोजन की खास बात यह है कि यहाँ 24 घंटे महाप्रसाद की व्यवस्था है। श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूर-दराज से आए साधु-संतों के लिए भी विशेष आवास और भोजन का प्रबंध किया गया है।

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सामूहिक सहभागिता की मिसाल

इस भव्य आयोजन के मुख्य सूत्रधार शंभू शरण मिश्र हैं, जिनकी महीनों की मेहनत और समर्पण से यह यज्ञ संभव हो पाया है। उन्होंने बताया कि यह महायज्ञ क्षेत्र की शांति और समृद्धि के लिए किया जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने में गांव के युवाओं से लेकर महिलाओं तक ने बढ़-चढ़कर श्रमदान किया है। कोई भीड़ नियंत्रण में जुटा है, तो कोई सफाई और सेवा में।

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श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है। स्वयंसेवकों की टीम यातायात और सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि चितहां के इतिहास में इतना भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन पहले कभी नहीं देखा गया।

रिपोर्ट- अरविंद शर्मा

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