Gorakhpur News: सप्तशक्ति संगम में नारी शक्ति की हुंकार, महिलाओं ने लिया राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा का संकल्प
Gorakhpur News: विद्या भारती की राष्ट्रव्यापी पहल के तहत सरस्वती बालिका विद्यालय, सूर्यकुंड में आयोजित सप्तशक्ति संगम का समापन समारोह बेहद भव्य रहा। इस समागम में गोरक्ष प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों से आई लगभग 1500 प्रबुद्ध महिलाओं ने शिरकत की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति को जागरूक और संगठित कर परिवार व समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है।
क्या है सप्तशक्ति का आधार
कार्यक्रम में वक्ताओं ने विस्तार से बताया कि यह संगम सात ईश्वरीय शक्तियों कीर्ति, श्री, वाणी, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा का मेल है। विद्या भारती द्वारा संचालित इस पहल के माध्यम से महिलाओं को संस्कार, शिक्षा, धर्म, सेवा और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण आयामों से जोड़कर समाज में नेतृत्वकारी भूमिका के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

सीता के आदर्श और नारी की सृजन शक्ति
मुख्य अतिथि और सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. पूजा श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि नारी ही समाज की असली सृजनकर्ता है। उन्होंने कहा, नारी प्रकृति का स्वरूप है, जो समाज को संस्कारित करती है। उन्होंने सभी महिलाओं को माता सीता के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा दी।
वहीं, मुख्य वक्ता यशोधरा आर्य ने बालिका शिक्षा के महत्व पर चर्चा की, तो डॉ. अर्चना तिवारी ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों के जरिए ‘सप्त संकल्प’ की व्याख्या करते हुए सभी को शपथ दिलाई।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय की छात्राओं ने आदिशक्ति गीत, गणेश वंदना और होली नृत्य की ऐसी मनमोहक प्रस्तुति दी कि पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। प्रधानाचार्या रश्मि श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और विद्या भारती के इस अभियान की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी।
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पंच परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण का आह्वान
कार्यक्रम अध्यक्ष निधि द्विवेदी ने पंच परिवर्तन के बिंदुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति पूरी दुनिया को मार्ग दिखाने वाली है। उन्होंने मातृशक्ति का आह्वान किया कि वे अपनी आंतरिक शक्तियों को जगाएं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें। अंत में जिला संयोजिका डॉ. अर्चना शुक्ला ने आभार व्यक्त किया और वंदे मातरम के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।
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