दिल्ली यूनिवर्सिटी में कवरेज करने गई महिला पत्रकार से बदसलूकी और रेप की धमकी, कैंपस में भिड़े छात्र संगठन
Newschuski Digital Desk: दिल्ली यूनिवर्सिटी का आर्ट्स फैकल्टी शुक्रवार को जंग का मैदान बन गया। यूजीसी की गाइडलाइन्स के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लेफ्ट विंग (वामपंथी) संगठनों और विरोध में उतरे एबीवीपी के बीच हिंसक झड़प हुई। इस हंगामे के केंद्र में रही एक महिला पत्रकार के साथ हुई कथित बदसलूकी, जिसके बाद देर रात तक मॉरिस नगर थाने के बाहर सैकड़ों छात्रों ने नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
क्या है पूरा मामला
एक यूट्यूब चैनल के लिए काम करने वाली पत्रकार रुचि तिवारी ने आरोप लगाया है कि जब वह प्रदर्शन कवर कर रही थीं, तब उनकी जाति पूछकर उन पर जानलेवा हमला किया गया। रुचि का दावा है कि लेफ्ट विंग के कार्यकर्ताओं ने उन्हें ब्राह्मण होने की वजह से निशाना बनाया, उनके कपड़े फाड़ने की कोशिश की और उनके बाल पकड़कर खींचे गए।
देखिए किस तरह तथाकथित शोषित वंचित लोग ब्राह्मण होने के कारण रुचि तिवारी के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं।
क्या मोदी जी सवर्ण समाज की बहन बेटियों की इज्जत को तार तार करने के लिए इक्विटी रेगुलेशन एक्ट 2026 लाए थे..?#Justice_For_रूचि_तिवारी pic.twitter.com/1kJtYH4GEH— Sarvesh Pandey (@SawarnArmychief) February 14, 2026
मुझे नंगा घुमाने और बलात्कार की धमकी मिली
मीडिया से बात करते हुए रुचि तिवारी भावुक हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया। मुझसे मेरी जाति पूछी गई और जैसे ही मैंने तिवारी बताया, भीड़ मुझ पर टूट पड़ी। लड़कियों ने मेरी गर्दन पकड़ी और मुझे गंदी गालियां दीं। मेरे कान में कहा गया कि आज तेरा ‘नंगा परेड’ निकालेंगे और तेरा रेप करेंगे। यह पत्रकारिता पर हमला नहीं, बल्कि मेरी हत्या की कोशिश थी।
रुचि ने घटना के कुछ वीडियो भी साझा किए हैं और पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है। इस घटना ने कैंपस की राजनीति में उबाल ला दिया है।
लाना चाहिए था #UCC लेकिन लेकर आ गये #UGC !
आरक्षण और संरक्षण लेकर भी एक ब्राह्मण लड़की की माॅब लिंचिंग कर रहे हैं और फिर कहते हैं कि हम तो शोषित हैं ! pic.twitter.com/TxevDU5yYN— Bhardwaj (@VBhardwaj4444) February 14, 2026
एबीवीपी (ABVP): संगठन ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि जो लोग ‘डफली’ बजाकर अभिव्यक्ति की आजादी और महिला सुरक्षा की बात करते हैं, उनका असली चेहरा सामने आ गया है। दिल्ली प्रदेश सचिव सार्थक शर्मा ने इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला करार दिया।
आईसा (AISA): वहीं लेफ्ट विंग संगठन आईसा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि पत्रकार ने जानबूझकर उकसाने वाले सवाल किए और धक्का-मुक्की शुरू की। उन्होंने एबीवीपी पर भी उनके साथियों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है।
#WATCH दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी में कल UGC के सपोर्ट में हुए प्रोटेस्ट के दौरान हमला झेलने वाली महिला जर्नलिस्ट रुचि तिवारी ने कहा, "… वीडियो हर जगह है, लोग खुद ही अंदाज़ा लगा सकते हैं कि किसने किसे भड़काया… मैं एक जर्नलिस्ट हूं, जो प्रोटेस्ट कवर करने वहां गई थी। मीडिया… pic.twitter.com/Qyjb80boW5
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 14, 2026
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
देर रात तक मॉरिस नगर थाने के बाहर धक्के-मुक्की और नारेबाजी का दौर चलता रहा। पुलिस ने कथित तौर पर छेड़छाड़ और बदसलूकी का मामला दर्ज कर लिया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी हिंसा की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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