शंकराचार्य उपाधि पर मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को भेजा नोटिस

swami avimukteshwaranand

Prayagraj News: प्रयागराज में चल रहे ऐतिहासिक माघ मेले के दौरान एक नया विवाद सामने आया है। मेला प्रशासन ने संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को एक नोटिस जारी कर उनके द्वारा शंकराचार्य पद के इस्तेमाल पर सवाल खड़े किए हैं। इस कदम से संत समाज और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ गया है।

स्नान विवाद के बाद अब नई चुनौती

यह नोटिस ऐसे समय में आया है जब दो दिन पहले माघ पूर्णिमा स्नान को लेकर स्वामी जी और प्रशासन के बीच टकराव हुआ था। स्वामी जी स्नान किए बिना ही लौट आए और प्रशासन पर आरोप लगाते हुए अपने शिविर में अनशन पर बैठ गए थे। अब इस नए नोटिस ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

माघ मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ऋषिराज की ओर से भेजे गए नोटिस में स्वामी जी से पूछा गया है कि वे अपने नाम के साथ शंकराचार्य उपाधि क्यों लगा रहे हैं। प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में लंबित एक मामले का हवाला देते हुए कहा है कि ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य पद को लेकर विवाद अदालत में चल रहा है। नोटिस में दावा किया गया है कि अदालत का अंतिम फैसला आने से पहले यह उपाधि लगाना न्यायालय के आदेश की अवहेलना हो सकता है।

इसे भी पढ़ें: स्पा सेंटर में दिल्ली की युवती के साथ गैंगरेप का आरोप, आरोपी फरार

24 घंटे में मांगा जवाब

मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से इस पद की वैधता के सबूत और स्पष्टीकरण मांगा है। उन्हें 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष रखने और लिखित जवाब देने को कहा गया है। यह नोटिस तब भेजा गया है जब स्वामी जी अपने शिविर में ही हैं और स्नान रोके जाने के विरोध में बाहर नहीं निकले हैं।

इसे भी पढ़ें: नितिन नबीन बने भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NEWS CHUSKI के Facebook पेज को LikeTwitterInstagram पर Follow करना न भूलें...