दरभंगा की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी का निधन, पूरा मिथिला शोक में

maharani kamasundari devi passes away

Newschuski Digital Desk: एक युग का अंत हो गया है। दरभंगा राज परिवार की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी का सोमवार को निधन हो गया। वे पिछले छह महीने से अस्वस्थ चल रही थीं। उनके निधन से पूरे मिथिला क्षेत्र और बिहार में शोक की लहर है।

कब और कहाँ हुआ निधन

महारानी का निधन दरभंगा स्थित महाराज के कल्याणी निवास में हुआ। उनके सबसे बड़े पोते रत्नेश्वर सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह लगभग 3 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार माधेश्वर प्रांगण में किया जाएगा। रत्नेश्वर ने कहा, “यह हम सबके लिए बहुत दुखद समय है। परिवार के सदस्य एकत्र हो रहे हैं।

1962 में युद्ध के लिए दान किया था 600 किलो सोना

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने शोक व्यक्त करते हुए उनके अविस्मरणीय योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि 1962 के भारत-चीन युद्ध के समय महारानी ने देश की रक्षा के लिए 600 किलो सोना दान किया था। यह राष्ट्रसेवा का एक अद्वितीय और प्रेरणादायक उदाहरण था। उनका जीवन त्याग, सेवा और देशभक्ति की मिसाल था।

इसे भी पढ़ें: कानपुर में शराबी ने पत्नी और ढाई साल के बेटे का गला काटकर की हत्या

एक संक्षिप्त परिचय

जन्म: 1930

विवाह: 1940 में दरभंगा के अंतिम शासक महाराज कामेश्वर सिंह से। यह महाराज की तीसरी शादी थी।

प्रमुख योगदान: महाराज के निधन के बाद उन्होंने कल्याणी फाउंडेशन की स्थापना की। इसके माध्यम से एक विशाल पुस्तकालय का निर्माण कराया, जहाँ आज भी लगभग 15 हजार दुर्लभ पुस्तकें सुरक्षित हैं। उन्होंने मिथिला की शिक्षा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण व प्रसार में अहम भूमिका निभाई।

इसे भी पढ़ें: हर हर महादेव बोलकर दर्शकों का दिल जीतीं सदाफ

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NEWS CHUSKI के Facebook पेज को LikeTwitterInstagram पर Follow करना न भूलें...