कोविड नियमों का पालन करते हुए घरों से भगवान परशुराम जयंती मनाने का निर्णय

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प्रतापगढ़। भगवान विष्णु के छठवें अवतार भगवान परशुराम की जयंती इस बार कोरोना महामारी के चलते अपने- अपने घरों में विधि विधान से पूजन अर्चन कर मनाए जाने का निर्णय ब्रह्मदेव समाज रा• ने लिया है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाने वाली परशुराम भगवान की जयंती इस बार 14 मई, 2021 दिन शुक्रवार को पड़ रही है।

परशुराम जन्मोत्सव पर समूचे प्रदेश में जगह-जगह विविध कार्यक्रम के आयोजन होते रहे हैं किंतु इस बार वैश्विक महामारी कोरोना के चलते कोई कार्यक्रम सामूहिक रुप से न किया जाय। संगठन के सेवक पंडित शिवेश शुक्ल ने लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग को अपनाते हुए अपने – अपने घर पर ही भगवान परशुराम को याद करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम ने समाज की दशा और दिशा को सुधारने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

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परशुराम जी के जन्मोत्सव पर पूजन अर्चन कर महामारी से मुक्ति के लिए प्रार्थना करेंगे। श्री शुक्ल ने कहा कि हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, धरती पर किये जा रहे अन्याय, अधर्म, पाप और जुल्म का विनाश करने के लिए भगवान परशुराम अवतरित हुए। इनमें भगवान विष्णु और भगवान शिव के संयुक्त गुण पाए जाते हैं। शिव भगवान से उन्हें संहारक का गुण और विष्णु भगवान से पालक का गुण प्राप्त हुआ था। भगवान परशुराम का जन्म त्रेता युग में हुआ था। जिस दिन भगवान परशुराम का अवतार हुआ था उस दिन वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि थी। इसीलिए अक्षय तृतीया को जन्मोंत्सव मनाया जाता है।

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