शिव मंदिर में तोड़फोड़ के बाद दो समुदायों के बीच झड़प, तीन गिरफ्तार
गरियाबंद, छत्तीसगढ़: दुधकैयां गांव में शिव मंदिर में कथित तोड़फोड़ की एक घटना ने दो समुदायों के बीच तनाव पैदा कर दिया, जो बुधवार को हिंसक झड़पों में बदल गई। इस झड़प में कई लोग घायल हुए, घरों और वाहनों में आग लगाई गई। स्थिति को काबू करने के लिए पांच जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।
घटना तब शुरू हुई जब एक मुस्लिम युवक पर शिव मंदिर में तोड़फोड़ करने का आरोप लगा। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन जेल से रिहा होकर लौटने के बाद वह अपने रिश्तेदारों के साथ गांव आया और एक व्यक्ति, नरेंद्र साहू, पर लकड़ी के डंडों से हमला कर दिया। साहू के हाथ-पैर में फ्रैक्चर हो गया है।
साहू ने आरोप लगाया, पुलिस को सब पता था, लेकिन आरोपियों को पकड़ने तुरंत नहीं आई। इस हमले की खबर फैलते ही गांव में हिंसा भड़क उठी। आक्रोशित लोगों ने आरोपियों से जुड़े कई घरों और वाहनों में आग लगा दी।
गरियाबंद एसपी वेदव्रत सिरमौर ने बताया, हमने स्थिति काबू करने की कोशिश की, लेकिन कुछ लोगों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर बरसा दिए, जिससे कई जवान घायल हुए। अब स्थिति नियंत्रण में है। अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और रायपुर, महासमुंद, दुर्ग व राजनांदगांव से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
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इस घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, यह घटना हमारे संज्ञान में है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार कानून के दायरे में हर कदम उठाएगी। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार और पुलिस पर निशाना साधते हुए कहा, यह घटना सरकार और पुलिस की लापरवाही का नतीजा है। एक अपराधी के आतंक से यह हिंसा फैली है। फिलहाल गांव में सख्त पुलिस पहरा है और अधिकारी दोनों समुदायों के नेताओं से बातचीत कर स्थिति को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं।
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