Budget 2026: कैंसर की दवाएं और हवाई सफर हुआ सस्ता, तो शराब ने बढ़ाई टेंशन
Budget 2026: रविवार सुबह 11 बजे जब निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट भाषण शुरू किया, तो पूरे देश की निगाहें टीवी स्क्रीन पर टिकी थीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से दही-चीनी खाकर निकलीं वित्त मंत्री ने साफ कर दिया कि सरकार का जोर तकनीक, स्वास्थ्य और युवाओं पर है। आइए समझते हैं कि इस बजट के बाद आपके लिए क्या खरीदना आसान होगा और कहां आपको ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे।
1. क्या-क्या हुआ सस्ता? (खुशखबरी की लिस्ट)
सरकार ने कई जरूरी चीजों पर कस्टम ड्यूटी घटाकर आम आदमी को राहत दी है।
इलाज: कैंसर, शुगर और 7 दुर्लभ बीमारियों की 17 दवाओं को ‘ड्यूटी फ्री’ कर दिया गया है। इससे गंभीर मरीजों के इलाज का खर्च घटेगा।
गैजेट्स: मोबाइल फोन, मोबाइल बैटरी और लिथियम आयन सेल सस्ते होंगे।
लाइफस्टाइल: कपड़े, लेदर आइटम, सिंथेटिक जूते और माइक्रोवेव ओवन की कीमतों में कमी आएगी।
सफर: एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर ड्यूटी खत्म होने से हवाई टिकट सस्ते हो सकते हैं। साथ ही सीप्लेन और ईवी (EV) को बढ़ावा देने से सफर किफायती होगा।
एनर्जी: सोलर पैनल और सोलर ग्लास सस्ते होंगे, जिससे घर पर बिजली बनाना आसान होगा।
विदेश: बाहर पढ़ना और इलाज कराना अब सस्ता होगा (TCS में कटौती के कारण)।

2. क्या हुआ महंगा? (जेब पर बोझ)
कुछ चीजों पर टैक्स बढ़ाकर सरकार ने उन्हें महंगा कर दिया है।
नशा: शराब और बीड़ी पीना अब और महंगा होगा।
ट्रेडिंग: ‘फ्यूचर एंड ऑप्शन’ (F&O) में ट्रेडिंग करना अब महंगा पड़ेगा।
निवेश: शेयर बायबैक पर प्रमोटर्स को एक्स्ट्रा टैक्स देना होगा, जिससे निवेशकों के रिटर्न पर असर पड़ सकता है।
अन्य: खनिज (मिनरल्स) और स्क्रैप की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।

अर्थव्यवस्था का क्या है हाल
बजट से पहले आए इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 ने उम्मीद जगाई है कि भारत की जीडीपी (GDP) ग्रोथ 6.8% से 7.2% के बीच रहेगी। हालांकि, सर्वे ने यह चेतावनी भी दी है कि नौकरियां पैदा करना और हेल्थ सेक्टर में सुधार करना अभी भी बड़ी चुनौतियां हैं।
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चुनौतियों के बीच संतुलन का प्रयास
यह बजट एक ऐसे वक्त में आया है जब दुनिया भर में तनाव का माहौल है। अमेरिकी नीतियों और वैश्विक अस्थिरता के बीच सरकार ने कोशिश की है कि देश के भीतर मांग बनी रहे। बजट 2026 सिर्फ टैक्स बचाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह भविष्य के भारत के लिए एक बड़ा निवेश है।
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