ब्रह्माकुमारी और नशा मुक्त भारत अभियान ने बच्चों को सिखाए नशे से आजादी के मंत्र
छतरपुर: युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए महोबा रोड स्थित एसके हायर सेकेंडरी स्कूल में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ब्रह्माकुमारी विश्वनाथ कॉलोनी, मेडिकल प्रभाग और भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के नशा मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित किया गया।
नशा सिर्फ पदार्थों का नहीं, डिजिटल भी है: ब्रह्माकुमारी बहनें
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी रेखा बहन ने नशे को एक ‘दिमागी बीमारी’ करार दिया। उन्होंने कहा, नशा व्यक्ति के विवेक को खत्म कर देता है, जिससे वह नुकसान जानते हुए भी खुद को नहीं रोक पाता। राजयोग मेडिटेशन ही वह जरिया है जिससे व्यक्ति अपना मनोबल बढ़ाकर इस लत को जड़ से खत्म कर सकता है।

वहीं, बीके नम्रता बहन ने आज के दौर के नए तरह के नशों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज सिर्फ गुटखा या शराब ही नहीं, बल्कि मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज की लत भी बच्चों को खोखला कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा, नशा शरीर को भले अपना आदि बना ले, लेकिन अगर मन मजबूत हो तो वह शरीर की हर कमजोरी पर जीत हासिल कर सकता है।

संवाद की कमी है नशे की जड़: कृष्णा कुमार खरे
नशा मुक्ति केंद्र के कृष्णा कुमार खरे ने माता-पिता और बच्चों के बीच बढ़ती दूरियों पर कड़वा सच साझा किया। उन्होंने कहा, अक्सर जब बच्चे पढ़ाई के लिए बाहर जाते हैं, तो परिवार से उनका संवाद कम हो जाता है। इसी अकेलेपन या संवाद की कमी के कारण वे गलत संगत का शिकार हो जाते हैं। माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों के साथ लगातार बात करें।
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छात्रों ने ली नशा मुक्त जीवन की शपथ
कार्यक्रम के अंत में स्कूल के डायरेक्टर दिनेश रावत और उपनिदेशक विनीता पटेरिया की मौजूदगी में स्कूल के छात्रों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे कभी भी किसी प्रकार के नशे को हाथ नहीं लगाएंगे और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देंगे।
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