सिर्फ कंटेंट क्रिएटर नहीं, कंटेंट रिफॉर्मर बनें, प्रो. संजय द्विवेदी ने डिजिटल पत्रकारों को दिया विश्वसनीयता का मंत्र
भागलपुर (बिहार): वेब जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित वेब मीडिया समागम-2025 में देशभर के डिजिटल मीडिया विशेषज्ञों ने शिरकत की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) के पूर्व महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने डिजिटल पत्रकारों का आह्वान करते हुए कहा कि आज तकनीक ने हर व्यक्ति को पत्रकार बना दिया है, लेकिन असली चुनौती लोकप्रियता (Views) से ज्यादा विश्वसनीयता (Value) बनाए रखने की है।
वायरल नहीं, मूल्यवान बनें कंटेंट
प्रो. द्विवेदी ने कहा कि आज करोड़ों लोगों तक पहुँचने वाला हर शब्द एक संदेश है। उन्होंने जोर देकर कहा, केवल ट्रेंड के पीछे न भागें, बल्कि ऐसा कंटेंट बनाएं जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाए। फेक न्यूज़ और सनसनीखेज खबरें विश्वसनीयता को खत्म कर रही हैं। लाइक्स और फॉलोअर्स की दौड़ मानसिक तनाव तो बढ़ा रही है, लेकिन समाज को बांट भी रही है। आपके पास सिर्फ कैमरा या रिंग लाइट नहीं है, बल्कि समाज को सही दिशा दिखाने वाली रोशनी है। अब देश और दिलों को जोड़ने वाले पत्रकारों की जरूरत है।

जड़ों से जुड़ाव और सूचना का लोकतंत्रीकरण
समागम में पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि तकनीक कितनी भी बदल जाए, पत्रकारिता तभी सफल है जब वह अपनी जड़ों और ज़मीन से जुड़ी हो। वहीं, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि पिछले 15 वर्षों में इंटरनेट के सस्ता होने से सूचनाओं का लोकतंत्रीकरण हुआ है। अब किसी खबर को दबाना नामुमकिन है, लेकिन वेब पत्रकारों के पास बड़ी टीम न होने के कारण उनके लिए सूचना का सत्यापन (Fact Check) करना एक बड़ी चुनौती है।

स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर
भाजपा नेता प्रीति शेखर ने संचार क्रांति की सराहना करते हुए कहा कि इससे स्थानीय भाषाओं और क्षेत्रीय मुद्दों को वैश्विक मंच मिला है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुले हैं। कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद कौशल और महासचिव डॉ. अमित रंजन सहित देशभर के डिजिटल मीडिया जगत के कई दिग्गज शामिल हुए। समागम के दौरान अलग-अलग सत्रों में फेक न्यूज से निपटने, एल्गोरिद्म के प्रभाव और डिजिटल मीडिया की आचार संहिता पर विस्तार से विमर्श किया गया।
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