Agra News: बिना पैर के दूर जाए, पंडित न हो, अब सातवीं कक्षा के पेपर में विवादित सवाल
Agra News: उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा में ‘पंडित’ और ‘अवसरवादी’ वाले सवाल का विवाद अभी थमा भी नहीं था कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को एक और झटका लगा है। इस बार मामला आगरा के परिषदीय स्कूलों से जुड़ा है, जहां कक्षा सात के संस्कृत के पेपर में एक ऐसा सवाल पूछा गया जिसने सबका ध्यान खींच लिया। सवाल था- वह कौन है जो बिना पैर के दूर तक जाता है और साक्षर है लेकिन ‘पंडित’ नहीं है?
यह सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और देखते ही देखते शिक्षा विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ गई। अब इस मामले में आगरा डायट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, आगरा के परिषदीय उच्च प्राथमिक स्कूलों में कक्षा सात की संस्कृत विषय की परीक्षा हुई। इस परीक्षा में खंड एक के बहुविकल्पीय प्रश्न संख्या पांच में ‘प्रहेलिका’ (पहेली) पाठ के आधार पर यह सवाल पूछा गया। सवाल ने जैसे ही सोशल मीडिया पर हलचल मचाई, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक गणेश कुमार ने तुरंत संज्ञान लिया।
उन्होंने आगरा डायट के प्राचार्य को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा है कि आखिर इस तरह का विवादित सवाल पेपर में क्यों शामिल किया गया। अब प्रश्न पत्र बनाने वाले प्रवक्ता से जवाब-तलब किया जाएगा और उसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
पुलिस भर्ती परीक्षा का विवाद अभी ताजा ही था
गौरतलब है कि इससे पहले यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में भी एक सवाल ने बवाल मचा दिया था। उस परीक्षा में सामान्य हिंदी के प्रश्न पत्र में पूछा गया था- ‘अवसर के अनुसार बदलने वाला’ के लिए एक शब्द बताइए। इसके विकल्प थे- सदाचारी, पंडित, अवसरवादी और निष्कपट। इस सवाल में ‘पंडित’ को एक विकल्प के तौर पर रखे जाने पर ब्राह्मण समाज में भारी रोष था।
इस मामले ने इतना तूल पकड़ा कि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके सफाई देनी पड़ी। उन्होंने लिखा, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में आए एक प्रश्न को लेकर जो विकल्प दिए गए, उन पर हमें कड़ी आपत्ति है। सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। किसी भी प्रश्न से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है, यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।
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विधायकों ने भी जताई थी नाराजगी
पुलिस भर्ती परीक्षा वाले सवाल पर बदलापुर (जौनपुर) से भाजपा विधायक रमेश चंद्र मिश्र और भाजपा के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने भी नाराजगी जताई थी। दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी। सीएम योगी ने भी इस पर संज्ञान लिया था और पुलिस भर्ती बोर्ड को जांच के निर्देश दिए थे।
अब देखना यह है कि आगरा के इस स्कूली परीक्षा वाले सवाल पर शिक्षा विभाग क्या कार्रवाई करता है। एक तरफ जहां पुलिस भर्ती परीक्षा में हुई गलती पर सरकार ने सख्ती दिखाई, वहीं अब बच्चों के स्कूली पेपर में ऐसे सवालों का आना विभागीय लापरवाही को ही दर्शाता है। फिलहाल, डायट प्राचार्य से स्पष्टीकरण मांगा गया है और प्रश्न पत्र बनाने वाले प्रवक्ता की कलाई कांप रही होगी।
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