कोडीन सिरप सरगना विनोद अग्रवाल के ठिकानों पर चला प्रशासन का डंडा, 4 प्लॉट-बैंक खाता फ्रीज
Varanasi News: कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के हाई-प्रोफाइल मामले में वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने गुरुवार को कानपुर में बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने इस गोरखधंधे के सरगना विनोद अग्रवाल और उनके परिजनों की 4 अचल संपत्तियां और एक बैंक खाता फ्रीज कर दिया है। पुलिस का दावा है कि यह सब नशे की काली कमाई से खरीदा गया था।
एसीपी विदूष सक्सेना के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने सबसे पहले ग्वालटोली के सिविल लाइंस स्थित गोपाल विहार सोसायटी में विनोद अग्रवाल की दो संपत्तियों को कुर्क किया। इसके अलावा चकेरी के दहेली सुजानपुर में एक प्लॉट, जाजमऊ में एक प्लॉट, बिरहाना रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक का खाता, जिसमें 37 लाख रुपये जमा हैं। ये सभी संपत्तियां NDPS एक्ट की धारा 68F के तहत फ्रीज की गई हैं। अब इनके बिक्री, उपयोग और हस्तांतरण पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
कैसे पकड़ा गया सिंडिकेट
यह पूरा मामला वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र में पीडी फार्मा पर दर्ज केस से जुड़ा है। जांच में खुलासा हुआ कि विनोद अग्रवाल लेबोरेट फार्मास्युटिकल्स इंडिया लिमिटेड से एस्कफ डीएक्स कफ सिरप खरीदता था। फिर शुभम जायसवाल के गिरोह से जुड़ी फर्जी फर्मों के जरिये इसकी तस्करी करता था। कागजों पर सप्लाई दिखाकर असल में इसे बिना लाइसेंस के अवैध बाजार में उतार दिया जाता था।
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क्या है शुभम से कनेक्शन
पुलिस जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि विनोद और शुभम दोनों का तस्करी का तरीका एक जैसा था। दोनों ही अलग-अलग कंपनियों से सीधे कफ सिरप खरीदते थे और बोगस फर्मों के जरिए फर्जी बिलिंग करके अवैध सप्लाई करते थे। इस पूरे सिंडिकेट में मेरठ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी की कई फर्में शामिल बताई जा रही हैं।
सारनाथ थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। विनोद अग्रवाल के खिलाफ पहले से कानपुर के कलक्टरगंज थाने में मुकदमा दर्ज है। अब वाराणसी पुलिस भी इस गोरखधंधे की तह तक जाने में जुटी है। इस कार्रवाई को नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है।
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